बच्चों पर नही पड़ने देंगे शादी का भार – जिला कलेक्टर, बाल विवाह पर बाल संरक्षण आयोग सख्त

बच्चों पर नही पड़ने देंगे शादी का भार – जिला कलेक्टर, बाल विवाह पर बाल संरक्षण आयोग सख्त

धौलपुर।मंगलवार को धौलपुर में बाल विवाह प्रतिषेध हेतु जागरूकता रैली का आयोजन पुराने नगर परिषद भवन से लाल बाजार, पैलेस रोड होते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक किया गया।
कार्यवाहक जिला कलेक्टर चेतन चौहान द्वारा रैली को हरी झंडी दिखाई गई। रैली में पंडित, बैंडवादक, कैटरिंग, मैरिज होम वाले, प्रिंटिंग प्रेस वालों के साथ महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चे, समाज कल्याण छात्रावास के बच्चे, स्काउट भी शामिल हुए। रैली की व्यवस्था प्रोजेक्ट मूविंग अहेड के तहत प्रयत्न संस्था द्वारा की गई। रैली में सदर, कोतवाली, मनिया, निहालगंज, महिला थाना के बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों ने भी भाग लिया। रैली में सहायक निदेशक डीसीपीयू विश्व देव पांडेय, प्रयत्न संस्था से रजनी जैन, एडवोकेसी ऑफिसर राकेश तिवारी, संरक्षण अधिकारी पवन तोमर, ओआरडब्ल्यू योगेश शर्मा, महात्मा गांधी विद्यालय से अध्यापकगण, चाइल्ड लाइन से रीना त्यागी, सरनाम सिंह, कांस्टेबल सतीश यादव, रमेश सैनी, पिंटू कुशवाह आदि उपस्थित रहे।

बाल विवाह पर बाल आयोग गंभीर–

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली इस बार बाल विवाह को लेकर बहुत गंभीर है। जिला मजिस्ट्रेट को अक्षय तृतीया के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। आयोग ने देश के सभी जिलों के जिला कलेक्टर्स के साथ मंगलवार को समीक्षा बैठक की और समझाइश के साथ साथ बल प्रयोग करके भी अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के निर्देश दिए।

शिक्षा विभाग के साथ सर्वे

आयोग ने शिक्षा विभाग को लम्बे समय से स्कूल नही जाने वाले, हेडमास्टर की अनुमति के बिना अनुपस्थित और ड्रॉपआउट बच्चो की सूची मांगी है। इस सूची के बच्चो के साथ बाल विवाह रोकने हेतु असेसमेंट किया जाएगा।

विगत वर्ष 15 बाल विवाह रुकवाए गए

वर्ष 2022 में जिले भर में 15 बाल विवाह रुकवाए गये। सबसे अधिक कार्यवाहियां तहसीलदार धौलपुर द्वारा की गई। तहसीलदार और उपखण्डाधिकारी को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया हुआ है। वहीं बाल विवाह की एक झूठी शिकायत भी प्राप्त हुई थी।

–-::1098 पर करें शिकायत::–

1098 चौबीस घंटे सातों दिन काम करने वाली बाल आपात सेवा है। इस पर की गई बाल विवाह की शिकायत पर शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतया गोपनीय रहती है एवं उसे किसी कार्यवाही में शामिल भी नही किया जाता।

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