यूपी के 1.89 करोड़ उज्ज्वला परिवारों को ₹1,500 करोड़ की सब्सिडी ट्रांसफर, DBT से खातों में पहुंचेगी राशि

Ujjwala Subsidy: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की लाभार्थी रसोई का फाइल फोटो
फोटो: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना आधिकारिक गैलरी

लखनऊ, 3 नवंबर 2026। Ujjwala Subsidy को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली के अवसर पर प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए ₹1,500 करोड़ की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए भेजने की पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 1.89 करोड़ से अधिक लाभार्थी परिवारों से जुड़ी इस सहायता की जानकारी दी।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक सब्सिडी पात्र परिवारों के आधार-प्रमाणित बैंक खातों में भेजी जानी है। कार्यक्रम में कुछ लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से चेक भी दिए गए। योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन की सुविधा उपलब्ध कराने और रसोई गैस के खर्च में सहायता देना है। राशि का लाभ उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जो योजना के तहत निर्धारित पात्रता और सत्यापन शर्तें पूरी करते हैं।

Ujjwala Subsidy का लाभ किन परिवारों को मिलेगा?

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ उन परिवारों के लिए है जो निर्धारित पात्रता मानदंडों के तहत LPG कनेक्शन प्राप्त करते हैं। उत्तर प्रदेश में घोषित सहायता के तहत सरकार ने 1.89 करोड़ से अधिक पात्र लाभार्थियों का उल्लेख किया है। पात्रता, खाते की स्थिति और DBT प्रक्रिया से जुड़ी अंतिम जानकारी संबंधित सरकारी विभाग तथा गैस वितरक के रिकॉर्ड से मिलानी चाहिए। सभी उपभोक्ताओं को केवल अपने नाम पर योजना का लाभ मिलने की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करनी चाहिए।

Ujjwala Subsidy का भुगतान बैंक खाते और आधार प्रमाणीकरण से जुड़ा हो सकता है। इसलिए लाभार्थियों को यह जांचना चाहिए कि उनका बैंक खाता सक्रिय है, आधार विवरण सही है और बैंक खाते में DBT सुविधा उपलब्ध है। यदि खाता लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है या KYC लंबित है तो बैंक शाखा से संपर्क करना उपयोगी रहेगा। गैस कनेक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर और बैंक खाते के विवरण में किसी तरह का बदलाव होने पर संबंधित एजेंसी को भी सूचित करें।

सब्सिडी की राशि खाते में न आए तो क्या करें?

लाभार्थी पहले बैंक पासबुक या आधिकारिक मोबाइल बैंकिंग माध्यम से खाते का स्टेटमेंट जांचें। इसके बाद गैस कनेक्शन से संबंधित उपभोक्ता नंबर और DBT स्थिति की जानकारी अधिकृत गैस एजेंसी से लें। भुगतान में देरी की स्थिति में बैंक या संबंधित सरकारी विभाग के सहायता माध्यम पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। किसी अनजान कॉलर को OTP, ATM PIN, UPI PIN या बैंक पासवर्ड न बताएं।

Ujjwala Subsidy के नाम पर नकली मैसेज और लिंक भेजकर ठगी की आशंका भी रहती है। यदि कोई व्यक्ति सब्सिडी जारी करने के नाम पर शुल्क मांगता है या लिंक पर बैंक जानकारी भरने को कहता है, तो पहले उसकी सत्यता जांचें। सरकारी सहायता पाने के लिए अनजान वेबसाइट पर निजी जानकारी साझा न करें। राशि प्राप्त करने के लिए केवल आधिकारिक बैंक, गैस एजेंसी और सरकारी पोर्टल का सहारा लें।

योजना का उद्देश्य और आगे की जानकारी

उज्ज्वला योजना का व्यापक उद्देश्य स्वच्छ रसोई ईंधन की पहुंच बढ़ाना है। LPG कनेक्शन से धुएं वाले पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, परिवारों के लिए सिलिंडर रिफिल की लागत और नियमित उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है। सब्सिडी से खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन वास्तविक लाभ उपभोक्ता की पात्रता, रिफिल और भुगतान स्थिति पर निर्भर करेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार की इस घोषणा से जुड़ी आगे की जानकारी आधिकारिक कार्यक्रम और विभागीय निर्देशों से स्पष्ट होगी। लाभार्थी किसी भी राशि को खाते में आने से पहले प्राप्त हुआ न मानें और बैंक स्टेटमेंट से पुष्टि करें। दूसरी सरकारी योजना और साइबर सुरक्षा खबरों के लिए SBI डेटा सुरक्षा से जुड़ी रिपोर्ट भी पढ़ें।

स्रोत: अमर उजाला, 3 नवंबर 2026।

कवर नोट: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की आधिकारिक गैलरी का फाइल फोटो।


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