SBI का दूसरी तिमाही मुनाफा 14.3% बढ़कर ₹23,038 करोड़, NPA अनुपात में भी सुधार

SBI Q2: भारतीय स्टेट बैंक के तिमाही वित्तीय नतीजों का फाइल फोटो
फाइल फोटो: NewsBricks

मुंबई, 3 नवंबर 2026। SBI Q2 के वित्तीय नतीजों में भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में ₹23,038 करोड़ का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ दर्ज किया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹20,160 करोड़ के मुकाबले 14.3 प्रतिशत अधिक है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) भी सालाना आधार पर 14.7 प्रतिशत बढ़कर ₹49,143 करोड़ रही।

बैंक के नतीजों में ऋण और जमा दोनों में वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर 2026 के अंत तक कुल अग्रिम 18.2 प्रतिशत बढ़कर ₹51.54 लाख करोड़ और जमा राशि 12.3 प्रतिशत बढ़कर ₹62.78 लाख करोड़ बताई गई। परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (Gross NPA) अनुपात घटकर 1.39 प्रतिशत रहा, जबकि शुद्ध NPA अनुपात 0.36 प्रतिशत दर्ज किया गया।

SBI Q2 में मुनाफे और ब्याज आय का प्रदर्शन

शुद्ध ब्याज आय बैंक की मुख्य उधारी गतिविधियों से होने वाली आय और जमा पर दिए गए ब्याज के बीच का अंतर दिखाती है। इसमें 14.7 प्रतिशत की वृद्धि का अर्थ है कि बैंक की मुख्य बैंकिंग गतिविधियों से प्राप्त ब्याज आय में सुधार हुआ। साथ ही, प्रावधान और आकस्मिक खर्च पिछले साल की तुलना में घटकर ₹4,217 करोड़ रहे। ऐसे खर्चों में कमी भी तिमाही के शुद्ध लाभ को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि SBI Q2 के आंकड़ों को पढ़ते समय एक अहम बात समझना जरूरी है। तिमाही के मुनाफे में SBI Funds Management में हिस्सेदारी बिक्री से मिला लगभग ₹7,288 करोड़ का एकमुश्त लाभ भी शामिल था। NDTV Profit की रिपोर्ट के मुताबिक इस असाधारण लाभ को अलग कर देखने पर शुद्ध लाभ लगभग ₹15,750 करोड़ बैठता है। इसलिए कुल मुनाफे में दर्ज 14.3 प्रतिशत की वृद्धि को पूरी तरह नियमित बैंकिंग कारोबार की वृद्धि नहीं माना जाना चाहिए।

बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार

Gross NPA और Net NPA अनुपात में कमी बैंक के ऋण पोर्टफोलियो की गुणवत्ता के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है। इसका अर्थ है कि कुल कर्ज के मुकाबले खराब ऋणों का हिस्सा कम हुआ है। फिर भी बैंक की स्थिति का आकलन करने के लिए केवल एक तिमाही के आंकड़ों पर निर्भर नहीं होना चाहिए। आने वाली तिमाहियों में नए खराब ऋण, वसूली, प्रावधान और ब्याज दरों का असर भी देखना होगा।

SBI Q2 के नतीजों में जमा राशि और अग्रिम के बीच संतुलन भी निवेशकों और बैंकिंग क्षेत्र के विश्लेषकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। जमा में 12.3 प्रतिशत और ऋण में 18.2 प्रतिशत की वृद्धि से यह संकेत मिलता है कि बैंक की ऋण पुस्तिका जमा की तुलना में तेज गति से बढ़ी। यह विस्तार भविष्य में आय को बढ़ा सकता है, लेकिन इसके साथ तरलता और जोखिम प्रबंधन पर नजर रखना भी जरूरी है।

ग्राहकों और निवेशकों के लिए क्या मायने?

बैंक के ग्राहकों के लिए ये नतीजे सीधे तौर पर जमा ब्याज दर या कर्ज की ब्याज दर में तत्काल बदलाव की घोषणा नहीं हैं। बैंक की दरें अलग-अलग उत्पाद, अवधि और बाजार परिस्थितियों के आधार पर तय होती हैं। निवेशकों को कंपनी की आधिकारिक तिमाही रिपोर्ट और प्रबंधन की टिप्पणी पढ़कर नियमित आय तथा एकमुश्त लाभ के बीच अंतर समझना चाहिए। यह खबर निवेश सलाह नहीं है; किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

बैंकिंग और साइबर सुरक्षा की दूसरी खबर के लिए SBI डेटा एक्सपोजर पर हमारी रिपोर्ट पढ़ें।

स्रोत: Business Standard, 3 नवंबर 2026 और NDTV Profit, 3 नवंबर 2026।

कवर नोट: SBI शाखा का फाइल फोटो।


DLP NewsTV से जुड़े रहें: वेबसाइट | YouTube | Facebook | X

ताज़ा अपडेट के लिए DLP NewsTV WhatsApp Group से जुड़ें।

DLP NewsTV : Real News Real Impact | देश की बात, निष्पक्षता के साथ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *