
DLP News TV: उत्तर मध्य रेलवे ने काली नदी पुल के 10 स्पानों की रीगर्डरिंग पूरी की। 500 टन की क्रेनों से हुआ सफल कार्य, अब इस मार्ग पर बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार।
काली नदी पुल पर 10 स्पानों की रीगर्डरिंग का कार्य सफल: शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेल खंड पर अब सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें
फिरोजाबाद। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेल मार्ग पर बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। क्षेत्र की महत्वपूर्ण काली नदी के पुल संख्या 136 पर रीगर्डरिंग का कार्य पूरी तकनीकी सटीकता के साथ संपन्न कर लिया गया है। DLP News TV के अनुसार, इस उपलब्धि के बाद अब इस रेल खंड पर ट्रेनों की रफ्तार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कठिन चुनौतियों के बीच सफल निष्पादन
काली नदी में वर्ष भर जल प्रवाह बना रहने के कारण यह कार्य इंजीनियरिंग की दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण था। रेलवे ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाते हुए जल स्तर को नियंत्रित किया। पुल के सभी 10 स्पानों पर पुराने गर्डर हटाकर आरडीएसओ (RDSO) के 18.3 मीटर मानक स्टील गर्डर स्थापित किए गए हैं।
500 टन की महाकाय क्रेनों से हुआ गर्डर का सफल स्थापन
इस तकनीकी मिशन को अंजाम देने के लिए रेलवे ने भारी मशीनरी का उपयोग किया। कार्य स्थल पर 500 टन क्षमता वाली दो विशाल क्रेनों को नदी के किनारे उतारा गया। इन क्रेनों की सहायता से पुराने गर्डरों को हटाकर नए गर्डरों को बेहद सावधानी और तकनीकी सटीकता के साथ स्थापित किया गया। पूरे प्रोजेक्ट के दौरान उच्च सुरक्षा मानकों (Safety Standards) का पालन किया गया।
कुशल नेतृत्व और टीम वर्क का परिणाम
इस महत्वपूर्ण परियोजना की सफलता का श्रेय उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के कुशल मार्गदर्शन और प्रयागराज मंडल के मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व को दिया गया है। मौके पर उप मुख्य अभियंता आई.पी.एस. यादव के नेतृत्व में ब्रिज लाइन टीम ने इस दुर्गम कार्य को निर्धारित समय में पूरा कर अपनी कार्यक्षमता का परिचय दिया है।
यात्रियों और रेल संचालन को होगा बड़ा लाभ
पुल के सुदृढ़ीकरण के बाद इस रेल खंड पर ट्रेनों की गति सीमा बढ़ाई जा सकेगी। इससे न केवल यात्रियों के समय की बचत होगी, बल्कि मालगाड़ियों का आवागमन भी पहले से अधिक तेज होगा। रेलवे की इस पहल से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
- हैवी मशीनरी: गर्डर बदलने के लिए 500 टन क्षमता की दो शक्तिशाली क्रेनों का सफल संचालन।
- स्पीड बूस्ट: कार्य पूरा होने से रेल मार्ग की गति सीमा (Speed Limit) में सुधार होगा।
- सुरक्षा मानक: पूरे प्रोजेक्ट के दौरान कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी मानकों का पालन किया गया।
नेतृत्व और टीम वर्क की जीत
इस ऐतिहासिक कार्य को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन और प्रयागराज मंडल के मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में पूरा किया गया। ब्रिज लाइन टीम, जिसका नेतृत्व उप मुख्य अभियंता आई.पी.एस. यादव कर रहे थे, ने इस दुर्गम कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा कर रेलवे की कार्यक्षमता का लोहा मनवाया है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस नवीनीकरण से न केवल मालगाड़ियों बल्कि यात्री ट्रेनों के संचालन में भी समयबद्धता (Punctuality) आएगी, जिससे हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
उत्तर मध्य रेलवे की बड़ी तकनीकी उपलब्धि
रेलवे अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुल के सभी 10 स्पानों की रीगर्डरिंग आरडीएसओ (RDSO) के 18.3 मीटर मानक स्टील गर्डर का उपयोग करके की गई है। काली नदी में वर्ष भर पानी का प्रवाह बना रहने के कारण यह प्रोजेक्ट काफी जटिल था। इस बाधा को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर जल स्तर को नियंत्रित किया गया, जिससे कार्य में कोई व्यवधान न आए।
काली नदी पुल पर 10 स्पानों की रीगर्डरिंग का कार्य सफल: शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेल मार्ग पर अब बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
फिरोजाबाद। उत्तर मध्य रेलवे ने बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और रेल सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेल खंड पर स्थित काली नदी के पुल संख्या 136 पर रीगर्डरिंग का चुनौतीपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस कार्य के संपन्न होने से अब इस मार्ग पर ट्रेनों की गति सीमा बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिससे रेल संचालन अधिक सुचारू और समयबद्ध होगा।
बाहरी स्रोत: Official Indian Railways News

काली नदी पुल पर 10 स्पानों की रीगर्डरिंग का कार्य सफल: शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेल खंड पर अब सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें

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