
सर्दी का सितम
नींद खुल जाती है उठने ही नहीं देती है,
ठंड बिस्तर से निकलने ही नहीं देती है।
कभी सीने से लिपटती है कभी पैरों से,
ठंड अपने से दूर होने नहीं देती है।
द्वार पर पहरा लगा देती घने कोहरे का,
ठंड खिड़की से झांकने भी नहीं देती है।
जी में आता है कि देखें नजारा सुबहा का,
ठंड सूरज को निकलने ही नहीं देती है।
मुंह छिपा कर निकलते इसके सितम के मारे,
ठंड चेहरे नहारने ही नहीं देती है।
हाथ मुंह धो कर निकल आते हैं हम चुपके से,
ठंड मल-मल के नहाने ही नहीं देती है।
गीतकार अनिल भारद्वाज एडवोकेट उच्च न्यायालय, ग्वालियर
धौलपुर और आस-पास की खबरों के लिए जुड़े रहें DLP NewsTV के साथ। ताज़ा खबरें पाने के लिए हमें Instagram, Facebook, Twitter, और YouTube पर फॉलो करें।
WhatsApp पर तुरंत अपडेट के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें: यहां क्लिक करें।
- आगरा में 24 अक्टूबर को The Sapphire Night, Masoom Sharma करेंगे Live Performance
- अगरा में होगा ‘द सैफायर नाइट’ का भव्य आयोजन, मासूम शर्मा लगाएंगे देसी बीट की धुन
- फिरोजाबाद में Glass & Aluminium Work : 15+ सालों की कारीगरी और भरोसे की कहानी
- ग्वालियर से सीखा, दिल्ली-नोएडा में निखारा हुनर, परुल गर्ग जैसी गुरु से ली ट्रेनिंग — अब धौलपुर में अकांक्षा शर्मा ने खोला अपना ब्यूटी पार्लर और अकैडमी
- दर्प केतन समाज सेवा समिति: फिरोज़ाबाद के एक छोटे से गाँव से शुरू हुआ सेवा का महाअभियान







