मध्य प्रदेश DA बढ़ोतरी से राज्य के सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को महंगाई से राहत देने का फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 अक्टूबर 2026 को कर्मचारियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की थी। इसके बाद कर्मचारियों का DA 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया। पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में भी 2 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की गई है, जो जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।
कर्मचारियों के लिए जनवरी 2026 से लागू दर
हिंदुस्तान टाइम्स, मनीकंट्रोल और द स्टेट्समैन की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी जनवरी 2026 से देय होगी। यानी जनवरी से सितंबर तक के नौ महीनों का बकाया बनता है। मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक, इस अवधि का एरियर तीन समान मासिक किस्तों में दिया जाएगा। बढ़ा हुआ DA अक्टूबर के वेतन के साथ नकद भुगतान के रूप में मिलना है, जो कर्मचारियों को नवंबर में प्राप्त होगा।
महंगाई भत्ता मूल वेतन के आधार पर तय होता है। इसलिए 2 प्रतिशत की वृद्धि से हर कर्मचारी को मिलने वाली अतिरिक्त राशि समान नहीं होगी। किसी कर्मचारी का मूल वेतन जितना अधिक होगा, उसके DA की गणना भी उसी अनुपात में होगी। वास्तविक भुगतान की जानकारी वेतन पर्ची और विभागीय आदेश से ही स्पष्ट होगी।
पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (Dearness Relief—DR) में भी 2 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह लाभ जुलाई 2026 से प्रभावी बताया गया है। कर्मचारियों के DA और पेंशनर्स के DR की प्रभावी तारीखें अलग हैं, इसलिए दोनों को एक ही भुगतान नियम से नहीं समझना चाहिए। पेंशनरों के लिए संशोधित दर और बकाया राशि की गणना पेंशन भुगतान से जुड़े नियमों और जारी आदेशों के अनुसार होगी।
राज्य सरकार के फैसले का लाभ किस श्रेणी के पेंशनर को किस तारीख से मिलेगा, यह संबंधित आदेश और पेंशन भुगतान प्राधिकरण की प्रक्रिया से तय होगा। परिवार पेंशन, अलग-अलग वेतन आयोग और अन्य विशेष श्रेणियों के लिए भी अलग गणना लागू हो सकती है। इसलिए पेंशनर्स को अपनी पेंशन पर्ची और बैंक खाते में दर्ज भुगतान का मिलान करना चाहिए।
DA और DR का उद्देश्य क्या है?
महंगाई भत्ता और महंगाई राहत का मकसद कीमतों में वृद्धि से कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है। बाजार में खाद्य पदार्थ, ईंधन, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा की जरूरतों की लागत बदलती रहती है। वेतन और पेंशन के साथ मिलने वाला DA/DR इस बदलाव के असर को कुछ हद तक संतुलित करने का प्रयास है।
हालांकि, DA की दर बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि सभी वस्तुओं की कीमतों में उतनी ही वृद्धि हुई है या हर परिवार का खर्च एक जैसा बढ़ा है। यह वेतन संरचना में निर्धारित प्रतिशत आधारित भुगतान है। कर्मचारियों को अपने परिवार के बजट की योजना बनाते समय बढ़े हुए भत्ते को नियमित आय के हिस्से के रूप में देखना चाहिए, लेकिन एरियर की किस्तों को स्थायी मासिक आय नहीं समझना चाहिए।
एरियर की तीन किस्तों पर ध्यान दें
जनवरी से सितंबर 2026 तक के नौ महीनों के एरियर को तीन समान किस्तों में दिए जाने की बात कही गई है। इसका मतलब है कि भुगतान एक ही बार में मिलने के बजाय निर्धारित मासिक चरणों में होगा। कर्मचारियों को अपने विभाग के वेतन अनुभाग से यह स्पष्ट करना चाहिए कि पहली, दूसरी और तीसरी किस्त किस वेतन चक्र में जोड़ी जाएगी। किसी भी संभावित भुगतान तारीख की पुष्टि विभागीय आदेश से करनी चाहिए।
पेंशनर्स के लिए DR में 2 प्रतिशत वृद्धि जुलाई से लागू बताई गई है। यदि किसी पेंशनर को संशोधित राशि नहीं दिखती तो वह पहले बैंक या पेंशन वितरण कार्यालय से जानकारी ले सकता है। जरूरी होने पर पेंशन भुगतान आदेश (PPO) और बैंक विवरण के साथ संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
मुरैना सहित प्रदेश के कर्मचारियों के लिए जानकारी
यह निर्णय मध्य प्रदेश के राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़ा है, इसलिए मुरैना, ग्वालियर, भिंड, श्योपुर और प्रदेश के अन्य जिलों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों पर भी लागू होगा। हालांकि, केंद्र सरकार के कर्मचारी, संविदा कर्मी या अलग सेवा नियमों के तहत आने वाले कर्मचारी स्वतः इस आदेश के दायरे में नहीं आते। पात्रता की पुष्टि संबंधित विभाग के शासनादेश से करनी चाहिए।
स्रोत: हिंदुस्तान टाइम्स/ANI, 30 अक्टूबर 2026; द स्टेट्समैन, 30 अक्टूबर 2026।
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