1 बड़ा जनाक्रोश: फिरोजाबाद नगर निगम की बड़ी लापरवाही, वार्ड 30 रसूलपुर में जलभराव से त्रस्त जनता ने सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

1 बड़ा जनाक्रोश: फिरोजाबाद नगर निगम की बड़ी लापरवाही, वार्ड 30 रसूलपुर में जलभराव से त्रस्त जनता ने सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

1 बड़ा जनाक्रोश: फिरोजाबाद नगर निगम की बड़ी लापरवाही, वार्ड 30 रसूलपुर में जलभराव से त्रस्त जनता ने सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

dlpnewstv.com लोकल और सिविक न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में नगर निगम के विकास दावों की एक बार फिर हवा निकलती नजर आ रही है। शहर के वार्ड नंबर 30 स्थित रसूलपुर इलाके की गली नंबर 17 के निवासी इन दिनों नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। अधूरे निर्माण कार्यों और भीषण जलभराव की समस्या से आजिज आकर बुधवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

परेशान मोहल्लावासियों ने एकजुट होकर नगर निगम कार्यालय का रुख किया और वहां मौजूद अधिकारियों को एक कड़ा ज्ञापन सौंपा। लोगों का सीधा आरोप है कि ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से नाली और सड़क का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। हल्की सी बारिश होते ही पूरी गली गंदे नाले में तब्दील हो जाती है। प्रशासन की इस बेरुखी से नाराज लोगों ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।

इस बड़ी खबर के मुख्य और अहम बिंदु:
  • फिरोजाबाद के वार्ड 30 (रसूलपुर की गली नंबर 17) में जलभराव से जनता बुरी तरह त्रस्त।
  • अधूरे नाली और सड़क निर्माण के कारण हल्की बारिश में भी घरों तक पहुंच जाता है गंदा पानी।
  • स्थानीय लोगों ने बुधवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को सौंपा शिकायती ज्ञापन।
  • गंदगी और कीचड़ के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का घरों से निकलना हुआ मुहाल।
  • लगातार जलभराव के चलते गली में फिसलकर कई लोग हो चुके हैं गंभीर रूप से चोटिल।
  • राजेश, सुमित गुप्ता, रति राठौर सहित दर्जनों लोगों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।

अधूरा निर्माण बना जी का जंजाल: घरों में घुस रहा सीवर का पानी

ज्ञापन सौंपने पहुंचे स्थानीय निवासियों ने अपनी दर्दनाक स्थिति बयां करते हुए बताया कि गली नंबर 17 में विकास के नाम पर खुदाई तो कर दी गई, लेकिन उसे बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया। नाली निर्माण पूरा न होने के कारण पूरी गली की जल निकासी (Drainage System) पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।

स्थिति यह है कि बिना बारिश के भी गली में गंदा पानी जमा रहता है। वहीं, अगर थोड़ी सी भी बारिश हो जाए तो पूरी गली तालाब का रूप ले लेती है और गटर व नालियों का बदबूदार पानी सीधे लोगों के घरों के अंदर घुसने लगता है। घर के अंदर गंदा पानी भर जाने से कीमती सामान खराब हो रहा है और लोगों का वहां रहना भयावह होता जा रहा है।

फिसलकर टूट रही हैं हड्डियां: लापरवाही की हदें पार

लगातार गंदा पानी जमा रहने के कारण गली में हरी काई और खतरनाक कीचड़ जम गया है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि इस कीचड़ के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अब तक कई लोग इस गंदे पानी में फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें और फ्रैक्चर तक आए हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे इसी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे उनके कपड़े रोज खराब होते हैं। यह नगर निगम के विकास मॉडल पर एक करारा तमाचा है।

महामारी का खौफनाक अलर्ट: रसूलपुर की गली नंबर 17 में जलभराव के कारण मच्छरों का लार्वा तेजी से पनप रहा है। यदि नगर निगम ने जल्द ही जल निकासी और फोगिंग (Fogging) की व्यवस्था नहीं की, तो इस इलाके में डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी जानलेवा बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। प्रशासन को महामारी फैलने से पहले जागना होगा।

नगर निगम पहुंचे क्षेत्रवासी: सौंपा ज्ञापन और दी कड़ी चेतावनी

पहले की गई कई मौखिक और लिखित शिकायतों पर जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो निवासियों का धैर्य जवाब दे गया। बुधवार को गली नंबर 17 के दर्जनों पुरुष और महिलाएं एकजुट होकर सीधे नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों का घेराव किया और अपना शिकायती ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि गली नंबर 17 का रुका हुआ निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए और जल निकासी की एक स्थायी व्यवस्था (Permanent Solution) सुनिश्चित की जाए।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख लोगों में राजेश, सुमित गुप्ता, रति राठौर, सुनीता, संजू गुप्ता, सिया, आराधना, कमला देवी और नीरू सहित कई स्थानीय लोग शामिल थे। इन सभी ने एक सुर में अधिकारियों को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि उनकी समस्या पर अब भी लापरवाही बरती गई, तो वे निगम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।

निष्कर्ष: क्या कुंभकर्णी नींद से जागेगा प्रशासन?

फिरोजाबाद नगर निगम क्षेत्र में रसूलपुर की यह समस्या कोई इकलौती नहीं है। स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों का बजट खर्च होने के बावजूद, शहर के कई वार्ड आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि वार्ड 30 की जनता द्वारा दी गई इस चेतावनी के बाद क्या नगर निगम के अधिकारी अपनी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या फिर लोगों को सच में सड़क पर उतरना पड़ेगा। dlpnewstv.com इस मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा और जब तक वार्ड 17 का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, हम जनता की आवाज को मजबूती से उठाते रहेंगे।

फिरोजाबाद नगर निगम की लापरवाही, वार्डों की जमीनी हकीकत और जनता के हर आंदोलन की बड़ी ख़बरों के लिए dlpnewstv.com को रोज़ाना विज़िट करें।

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