भारतीय नौसेना के लिए 8 नई कॉर्वेट, ₹53,866 करोड़ का करार

भारतीय नौसेना कॉर्वेट: समुद्र में आधुनिक युद्धपोत का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026: भारतीय नौसेना के लिए आठ नेक्स्ट जनरेशन कॉर्वेट (NGC) बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 2 नवंबर को ₹53,866.50 करोड़ के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। समझौते गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) के साथ किए गए हैं।

रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन आठ युद्धपोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना ने स्वदेशी रूप से तैयार किया है। निर्माण में आधुनिक शिपबिल्डिंग तकनीक और उन्नत युद्ध प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा।

GRSE पांच और GSL तीन कॉर्वेट बनाएंगे

Times of India और ABP की रिपोर्टों के मुताबिक, अनुबंध के तहत GRSE पांच और GSL तीन कॉर्वेट का निर्माण करेंगे। PIB की GSL संबंधी विज्ञप्ति भी पुष्टि करती है कि गोवा शिपयार्ड को तीन जहाजों का काम मिला है। GSL ने इसे अपने इतिहास का सबसे बड़ा ऑर्डर बताया है।

समुद्री सुरक्षा में क्या भूमिका होगी?

PIB के अनुसार, नई पीढ़ी के ये कॉर्वेट एंटी-सरफेस, एंटी-एयर और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर जैसे अभियानों में काम कर सकेंगे। इनके शामिल होने से समुद्री निगरानी, जहाजों की सुरक्षा के लिए एस्कॉर्ट ऑपरेशन, तटीय रक्षा और समुद्र में खोज एवं कार्रवाई की क्षमता मजबूत करने का लक्ष्य है।

यह परियोजना स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने के साथ जहाज निर्माण से जुड़े घरेलू उद्योगों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को भी काम के अवसर देगी।

आधिकारिक जानकारी

रक्षा मंत्रालय के अनुबंध और GSL को मिले तीन जहाजों का विवरण PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति में दिया गया है। अनुबंध के कुल मूल्य और GRSE-GSL के बंटवारे पर Times of India की रिपोर्ट और ABP की रिपोर्ट देखें। भारतीय नौसेना से जुड़ी अन्य खबरों के लिए DLP NewsTV का Indian Navy सेक्शन खोलें।


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