चक्रवात मुरासु का अवशेष 3 नवंबर की रात तक आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्से और पूर्वी तेलंगाना के ऊपर डीप डिप्रेशन के रूप में बना हुआ था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 4 नवंबर को जारी तड़के के विशेष बुलेटिन में इसे उत्तर की ओर बढ़ते हुए सुबह तक डिप्रेशन में कमजोर होने का अनुमान दिया गया है।
IMD ने क्या स्थिति बताई?
IMD के 3 नवंबर, 21:00 UTC वाले बुलेटिन के अनुसार सिस्टम का केंद्र 16.5° उत्तर अक्षांश और 80.1° पूर्व देशांतर के आसपास था। यह नंदिगामा से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, विजयवाड़ा से 60 किलोमीटर पश्चिम और खम्मम से 80 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था।
बुलेटिन में उस समय अधिकतम सतत हवा की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई गई। IMD ने 4 नवंबर की सुबह तक हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा, झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा के साथ सिस्टम के डिप्रेशन में कमजोर होने का पूर्वानुमान दिया।
आगे की स्थिति पर नजर
IMD ने सिस्टम की लगातार निगरानी के लिए मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम के डॉप्लर वेदर रडार का उल्लेख किया है। यह विशेष उष्णकटिबंधीय मौसम आउटलुक मार्गदर्शन बुलेटिन है; स्थानीय स्तर की चेतावनी और बारिश संबंधी निर्देशों के लिए संबंधित IMD मौसम बुलेटिन देखना जरूरी है।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की ताजा सलाह का पालन करना चाहिए।
आधिकारिक स्रोत: IMD का 3 नवंबर 2026, 21:00 UTC विशेष बुलेटिन।



