
प्रयागराज में भीषण प्रयागराज ट्रेन हादसा: कालका और पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से 5 यात्रियों की दर्दनाक मौत, फिरोजाबाद के 19 वर्षीय आकाश का खौफनाक अंत
dlpnewstv.com राष्ट्रीय न्यूज़ डेस्क: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बुधवार की शाम दिल्ली-हावड़ा जैसे देश के सबसे व्यस्ततम रेल मार्ग पर एक ऐसा प्रयागराज ट्रेन हादसा हुआ, जिसने रेलवे प्रशासन और आम जनता दोनों को झकझोर कर रख दिया है।
प्रयागराज के करछना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पचदेवरा गांव के हॉल्ट के पास हुई इस भीषण रेल दुर्घटना में कुल पांच यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई है। यह हादसा इतना वीभत्स था कि ट्रैक पर चारों तरफ खून और क्षत-विक्षत शवों के टुकड़े बिखर गए। मरने वालों में फिरोजाबाद जिले के खैरगढ़ थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव का रहने वाला 19 वर्षीय होनहार युवक आकाश भी शामिल है, जो अपने एक रिश्तेदार के घर शादी समारोह की खुशियों में शामिल होने के लिए कोलकाता जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भावुक और गमगीन माहौल है।
- दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन पर पचदेवरा हाल्ट के पास बुधवार शाम करीब 7:30 बजे हुआ यह वीभत्स हादसा।
- कालका मेल (Kalka Express) से गिरकर बिहार निवासी 36 वर्षीय बलिराम की हुई सबसे पहली मौत।
- चेन पुलिंग के बाद ट्रेन रुकी, तो उत्सुकतावश कई यात्री दूसरी रेलवे लाइन (अप लाइन) पर उतर गए।
- विपरीत दिशा से तेज गति से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (Purushottam Express) ने 4 यात्रियों को रौंदा।
- हादसे में फिरोजाबाद के पृथ्वीपुर गांव निवासी 19 वर्षीय आकाश सहित 5 की मौत।
- हादसा इतना भयंकर था कि 30 मीटर तक रेलवे ट्रैक पर पुलिस को शवों के टुकड़े बीनने पड़े।
- करछना थाना पुलिस, जीआरपी (GRP) और रेलवे के आला अधिकारी मौके पर जांच में जुटे।
कैसे शुरू हुआ यह प्रयागराज ट्रेन हादसा: एक यात्री का गिरना और चेन पुलिंग
रेलवे अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार शाम करीब 7:30 बजे हुई। डाउन लाइन पर कालका एक्सप्रेस (Kalka Mail) दिल्ली की तरफ से हावड़ा (कोलकाता) की ओर जा रही थी। ट्रेन अपनी निर्धारित गति से प्रयागराज जिले के करछना थाना क्षेत्र से गुजर रही थी।
तभी पचदेवरा हाल्ट के पास ट्रेन के गेट पर खड़ा एक यात्री अचानक अनियंत्रित होकर चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। पुलिस के अनुसार, इस व्यक्ति की पहचान बलिराम (उम्र 36 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार राज्य के सिवान जिले के भारत भगत इलाके का रहने वाला था। चलती ट्रेन से गिरने और पहियों की चपेट में आने के कारण बलिराम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
जैसे ही ट्रेन में सवार अन्य यात्रियों ने एक व्यक्ति को नीचे गिरते देखा, डिब्बे में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। मानवीय संवेदना और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए यात्रियों ने तुरंत खतरे की जंजीर (Chain Pulling) खींच दी।
अलार्म बजते ही लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए और कालका एक्सप्रेस कुछ ही दूरी पर जाकर खड़ी हो गई। ट्रेन के रुकते ही भीतर बैठे यात्रियों में यह जानने की भारी उत्सुकता पैदा हो गई कि आखिर क्या हुआ है और किसने चेन पुलिंग की है। इसी अज्ञानता और जल्दबाजी में कई यात्री बिना यह सोचे-समझे कि वे एक अत्यंत व्यस्त और खतरनाक रेलवे ट्रैक पर हैं, अपने डिब्बों से नीचे उतर आए और पास की ही दूसरी रेलवे लाइन (अप लाइन) पर जाकर खड़े हो गए। यही उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी और आखिरी भूल साबित हुई।
पटरियों पर मौत का तांडव: दूसरी दिशा से काल बनकर आई पुरुषोत्तम एक्सप्रेस
कालका एक्सप्रेस के रुकने के बाद जो लोग पटरियों पर उतरे थे, उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि मौत दूसरी दिशा से उनकी ओर तेजी से बढ़ रही है। जानकारी के अनुसार, जिस समय कालका एक्सप्रेस डाउन लाइन पर खड़ी थी और यात्री अप लाइन के ट्रैक पर खड़े होकर हादसे को देख रहे थे, ठीक उसी समय मिर्जापुर की दिशा से पुरी से गाजियाबाद जाने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (Purushottam Express) पूरी रफ्तार के साथ आ रही थी।
ट्रेन के यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि दूसरी दिशा से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस लगातार तेज आवाज में हॉर्न बजा रही थी। ट्रेन के लोको पायलट ने दूर से ही ट्रैक पर लोगों की भीड़ को देखकर खतरे का सायरन बजाया।
कालका एक्सप्रेस के भीतर बैठे कई यात्रियों ने भी चीख-पुकार मचाकर ट्रैक पर खड़े लोगों को हटने की चेतावनी दी। लेकिन ट्रेन की गति इतनी तेज थी और समय इतना कम था कि ट्रैक पर मौजूद लोगों को संभलने या वहां से भागने का कोई मौका ही नहीं मिल पाया।
देखते ही देखते पुरुषोत्तम एक्सप्रेस उन लोगों को बेरहमी से रौंदते हुए आगे निकल गई। ट्रेन की भारी-भरकम पहियों और तेज रफ्तार की चपेट में आने से 4 लोगों के शरीर के परखच्चे उड़ गए। यह दृश्य इतना भीषण और वीभत्स था कि देखने वालों की रूह कांप गई। पल भर पहले जहां लोग खड़े होकर बातें कर रहे थे, वहां अगले ही पल मौत का खौफनाक सन्नाटा और चीख-पुकार मच गई।
फिरोजाबाद के 19 वर्षीय आकाश का भावुक अंत: शादी की खुशियां मातम में बदलीं
इस प्रयागराज ट्रेन हादसा का सबसे भावुक और रुला देने वाला पहलू फिरोजाबाद जिले से जुड़ा है। मरने वालों में फिरोजाबाद जिले के थाना खैरगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पृथ्वीपुर गांव का एक 19 वर्षीय नौजवान युवक आकाश भी शामिल है। पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आकाश पुत्र गिरिराज बुधवार को कालका एक्सप्रेस में सवार होकर कोलकाता जा रहा था। आकाश के साथ कोलकाता का ही रहने वाला उसका साथी अजय, पुत्र मुन्ना पासी समेत कुछ अन्य लोग भी यात्रा कर रहे थे।
परिजनों के मुताबिक, आकाश अपने एक रिश्तेदार के घर आयोजित होने वाले शादी समारोह में शिरकत करने के लिए बड़े चाव और उत्साह के साथ घर से निकला था। उसने शादी के लिए नए कपड़े भी खरीदे थे। लेकिन किसे पता था कि जिस ट्रेन में वह खुशियां मनाने जा रहा है, वही ट्रेन उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगी। जब पचदेवरा में ट्रेन रुकी, तो युवा होने के नाते उत्सुकतावश आकाश भी अन्य यात्रियों के साथ नीचे उतर गया और अप लाइन पर जाकर खड़ा हो गया, जहां वह पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आ गया।
जैसे ही प्रयागराज पुलिस और जीआरपी के माध्यम से आकाश की मौत की मनहूस खबर फिरोजाबाद के पृथ्वीपुर गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। आकाश के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रहे थे, अब उन्हें उसका क्षत-विक्षत शव देखना पड़ेगा। मृतक के घर पर सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई है।
गांव के हर शख्स की आंखें इस दर्दनाक घटना पर नम हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी पीड़ित परिवार से संपर्क कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दे रही है।
“कालका एक्सप्रेस काफी देर से हमारे गांव के पास खड़ी थी। अचानक भीतर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। हम गांव के लोगों ने जब यह चीख-पुकार सुनी तो दौड़कर मौके पर पहुंचे। वहां का नजारा देखकर हमारी आंखें फटी की फटी रह गईं।
रेलवे ट्रैक पर लगभग 30 मीटर तक चारों तरफ खून ही खून फैला हुआ था। ट्रेन की टक्कर इतनी तेज थी कि लाशें कई टुकड़ों में कटकर ट्रैक पर और पत्थरों पर बिखरी पड़ी थीं। इंसान के शरीर के लोथड़े देखकर कई लोगों को उल्टी होने लगी। कुछ ही देर बाद वहां जीआरपी और करछना पुलिस सायरन बजाती हुई पहुंच गई।”
30 मीटर तक बिखरे थे शरीर के टुकड़े: पुलिस ने ग्लव्स पहनकर बटोरे शव
रेलवे ट्रैक पर हुए इस भीषण हादसे के बाद का दृश्य युद्ध के मैदान से भी ज्यादा भयानक था। सूचना मिलते ही प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले करछना थाने की पुलिस फोर्स, सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सुनील कुमार सिंह, रेलवे पुलिस बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे के अन्य उच्चाधिकारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
अंधेरा होने के कारण पुलिस को सर्च ऑपरेशन चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में ट्रैक का निरीक्षण किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के अनुसार, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की गति इतनी अधिक थी कि मृतकों के शरीर कई टुकड़ों में बंट गए थे। लगभग 30 से 40 मीटर के दायरे में रेलवे लाइन पर मांस के लोथड़े और खून बिखरा हुआ था।
एक भावुक और दिल दहला देने वाला मंजर तब सामने आया जब पुलिसकर्मियों और जीआरपी के जवानों को हाथों में मेडिकल ग्लव्स पहनकर ट्रैक और झाड़ियों में से इंसानी शरीर के टुकड़ों को बीन-बीन कर पॉलीथिन और स्ट्रेचर पर इकट्ठा करना पड़ा। इसके बाद पंचनामा की कानूनी कार्यवाही पूरी की गई और सभी शवों (और उनके अंगों) को एंबुलेंस के जरिए सील पैक करके पोस्टमॉर्टम के लिए स्वरूपरानी नेहरू (SRN) अस्पताल के शवगृह भेज दिया गया।
रेलवे प्रशासन और जीआरपी के आला अधिकारियों का आधिकारिक बयान
इस अत्यंत संवेदनशील प्रयागराज ट्रेन हादसा पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रशांत वर्मा ने मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया, “यह एक बहुत ही दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। प्रारंभिक जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि सबसे पहले कालका एक्सप्रेस से एक व्यक्ति (बलिराम) कट गया था, जिसके कारण नियमों के तहत ट्रेन को उसी जगह पर रोकना पड़ा।
ट्रेन रुकने के बाद कुछ यात्री अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज करते हुए उत्सुकतावश नीचे उतरकर दूसरी पटरियों पर आ गए। इसी दौरान तेज गति से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से 4 और लोगों की कटकर मौत हो गई। हम मृतकों के परिजनों से संपर्क कर रहे हैं और दो शवों की शिनाख्त के प्रयास अभी भी जारी हैं।”
ट्रेनों के परिचालन और रेलवे व्यवस्था के बारे में उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शशिकांत त्रिपाठी ने भी बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि इस खौफनाक दुर्घटना के कारण दिल्ली-हावड़ा रूट पर रेल यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। सीपीआरओ के अनुसार, घटनास्थल पर कालका एक्सप्रेस करीब 45 मिनट तक रुकी रही, जिसके बाद ट्रैक क्लीयरेंस मिलने पर उसे आगे के गंतव्य (कोलकाता) के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं, दुर्घटना का कारण बनी पुरुषोत्तम एक्सप्रेस भी हादसे के बाद 15 से 20 मिनट तक मौके पर खड़ी रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरुषोत्तम एक्सप्रेस अप लाइन पर थी और कालका मेल डाउन लाइन पर खड़ी थी।
निष्कर्ष और रेलवे सुरक्षा को लेकर एक जनहित अपील
प्रयागराज के पचदेवरा में हुआ यह प्रयागराज ट्रेन हादसा कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन की उस लापरवाही का नतीजा है, जिसे थोड़ी सी समझदारी से टाला जा सकता था। फिरोजाबाद के 19 वर्षीय आकाश सहित 5 लोगों की मौत हमें यह कड़ा सबक देती है कि रेलवे ट्रैक कोई सैरगाह या तमाशा देखने की जगह नहीं है। भारतीय रेलवे अधिनियम (Indian Railways Act) के तहत भी रेलवे ट्रैक पार करना या उस पर चलना एक दंडनीय अपराध है।
जब भी कोई ट्रेन किसी आपातकालीन स्थिति में रुकती है, तो यात्रियों का पहला कर्तव्य है कि वे अपने डिब्बे के अंदर ही सुरक्षित रहें। विपरीत दिशा से आने वाली ट्रेनों की गति इतनी अधिक होती है कि वे संभलने का एक सेकंड भी नहीं देती हैं। dlpnewstv.com की टीम रेलवे प्रशासन से अपील करती है कि वे ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर जागरूकता अभियान तेज करें। साथ ही, आम जनता से भी यह करबद्ध निवेदन है कि अपनी जान की कीमत समझें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके पूरे परिवार को जीवन भर का दर्दनाक आंसू दे सकती है, जैसा कि फिरोजाबाद के आकाश के परिवार के साथ हुआ है।
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प्रयागराज रेल हादसा: शादी की खुशियां मातम में बदलीं, फिरोजाबाद के 19 वर्षीय आकाश समेत 5 लोगों का खौफनाक अंत

प्रयागराज में भीषण प्रयागराज ट्रेन हादसा: कालका और पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से 5 यात्रियों की दर्दनाक मौत, फिरोजाबाद के 19 वर्षीय आकाश का खौफनाक अंत

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