
1 हृदय विदारक घटना: शिकोहाबाद में इंसानियत हुई शर्मसार, नाले में फेंकी गई नवजात बच्ची, कुत्तों ने नोचा दर्दनाक शव
dlpnewstv.com क्राइम और सोशल डेस्क: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद से एक ऐसी खौफनाक और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां हमारा देश ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा दे रहा है और महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी का परचम लहरा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ शिकोहाबाद (Shikohabad) में एक कलयुगी मां-बाप ने अपनी ही खून की प्यासी होकर एक मासूम नवजात बच्ची को नाले के गंदे पानी और कीचड़ में मरने के लिए फेंक दिया।
इस भीषण और अमानवीय कृत्य की हद तो तब पार हो गई जब इस मासूम बच्ची के शव को आवारा कुत्तों ने अपना निवाला बनाने की कोशिश की। यह घटना एटा रोड (Etah Road) स्थित पवित्र चौमुखी महादेव मंदिर के ठीक सामने घटी। ईश्वर के घर के सामने एक देवी स्वरूपा कन्या के साथ हुई इस क्रूरता को देखकर वहां मौजूद हर इंसान के रोंगटे खड़े हो गए और उनकी आंखें भर आईं।
- फिरोजाबाद के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना।
- एटा रोड पर स्थित चौमुखी महादेव मंदिर के सामने गंदे नाले में मिला एक नवजात बच्ची का मृत शरीर।
- आवारा कुत्ते नाले के अंदर से उस मासूम बच्ची के शव को खींचकर सड़क की ओर ले आए।
- दोपहर करीब 12 बजे राहगीरों की नजर पड़ने पर फैली खौफनाक सनसनी।
- आशंका: जन्म के तुरंत बाद, लोकलाज या कन्या भ्रूण हत्या की मानसिकता के चलते बच्ची को बेरहमी से फेंका गया।
- थाना प्रभारी अनुज कुमार राना ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया।
- नवजात का शव पोस्टमार्टम (Post-mortem) के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, दोषियों की तलाश तेज।
दोपहर 12 बजे का खौफनाक मंजर: जब कुत्तों के मुंह में दिखी मासूम
रविवार की दोपहर, लगभग 12 बजे का समय था। शिकोहाबाद का एटा रोड हमेशा की तरह यातायात और राहगीरों की आवाजाही से व्यस्त था। इसी मार्ग पर आस्था का केंद्र ‘चौमुखी महादेव मंदिर’ स्थित है, जहां श्रद्धालु दर्शन के लिए आते-जाते रहते हैं। लेकिन आज इस मंदिर के सामने वाले नाले से कुछ ऐसा भयावह दृश्य उभर कर सामने आया, जिसने वहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति के कदमों को वहीं रोक दिया।
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा कि मंदिर के सामने बह रहे बड़े और गंदे नाले के आस-पास कई आवारा कुत्ते बड़ी आक्रामकता से मंडरा रहे हैं। कुत्तों के बीच किसी चीज को लेकर भीषण खींचतान चल रही थी। शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद कोई मृत जानवर होगा, लेकिन जब कुछ राहगीरों ने हिम्मत करके नाले के पास जाकर देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
नाले के कीचड़ और काले पानी के बीच से कुत्ते एक इंसानी बच्चे (नवजात कन्या) के शरीर को नोचते हुए बाहर की तरफ खींच ला रहे थे। बच्ची का शरीर पूरी तरह से कीचड़ में सना हुआ था और निर्जीव अवस्था में था। यह नजारा इतना विचलित करने वाला था कि कई लोगों की चीख निकल गई। राहगीरों ने तुरंत पत्थर और डंडे मारकर उन खूंखार कुत्तों को वहां से भगाया और बच्ची के शव को उनके जबड़ों से मुक्त कराया।
यह खबर जंगल में आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। कुछ ही मिनटों में मंदिर और नाले के आस-पास सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई उस मासूम की हालत देखकर रो रहा था और उसे इस दुनिया में लाने वाले उन निर्मम माता-पिता को कोस रहा था।
जन्म लेते ही मौत की नींद: आखिर क्या थी खौफनाक मजबूरी?
नवजात बच्ची के शव को देखकर प्रारंभिक जांच और लोगों के अनुमान के मुताबिक यही लग रहा था कि बच्ची का जन्म महज कुछ ही घंटे पहले हुआ होगा। शरीर पर गर्भनाल (Umbilical Cord) के निशान और खून के धब्बे इस बात की गवाही दे रहे थे कि जिस मां ने उसे अपनी कोख में नौ महीने तक पाला, उसी ने जन्म देते ही उसे नाले के अंधेरे और ठंडे गंदे पानी में मरने के लिए फेंक दिया।
इस अमानवीय कृत्य के पीछे कई सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं, जिन पर पुलिस जांच कर रही है:
- कन्या भ्रूण हत्या की मानसिकता: आज भी समाज के कुछ पिछड़े और रूढ़िवादी हिस्सों में बेटी के जन्म को एक बोझ माना जाता है। बेटे की चाहत में लोग इतना अंधा हो जाते हैं कि जन्म लेने के बाद अगर पता चलता है कि वह बेटी है, तो उसे कूड़े के ढेर या नाले में फेंकने से भी नहीं हिचकिचाते।
- अवैध संबंध और लोकलाज का डर: पुलिस इस खौफनाक एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं यह बच्ची किसी अवैध संबंध (Illicit Relationship) का नतीजा तो नहीं थी। अक्सर कुंवारी माताएं या अवैध संबंधों में फंसी महिलाएं समाज के तानों और बदनामी (Social Stigma) के डर से अपनी कोख से जन्मी संतान को पैदा होते ही इस क्रूर तरीके से ठिकाने लगा देती हैं।
- अत्यधिक गरीबी: हालांकि गरीबी किसी की जान लेने का कोई बहाना नहीं है, लेकिन कई मामलों में देखा गया है कि जो परिवार पहले से ही कई बच्चों का पेट नहीं पाल पा रहे हैं, वे नए बच्चे को पालने की जिम्मेदारी से बचने के लिए ऐसे भीषण अपराध कर बैठते हैं।
शिकोहाबाद पुलिस का एक्शन: थाना प्रभारी अनुज राना पहुंचे मौके पर
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष (112) और शिकोहाबाद थाने को इस दर्दनाक घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही शिकोहाबाद थाना प्रभारी (SHO) अनुज कुमार राना अपनी पुलिस टीम और महिला कांस्टेबलों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल को कॉर्डन ऑफ (Cordon off) किया ताकि कोई भी साक्ष्य (Evidence) नष्ट न हो। थाना प्रभारी ने वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की विस्तृत जानकारी जुटाई और उन लोगों के बयान दर्ज किए जिन्होंने कुत्तों को बच्ची के शव को नोचते हुए देखा था।
एक सफेद कपड़े में उस मासूम बच्ची के शव को लपेटकर पंचनामा भरा गया। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और उसे सुरक्षित पोस्टमार्टम (Post-mortem) के लिए फिरोजाबाद जिला अस्पताल (District Hospital Firozabad) की मोर्चरी में भिजवा दिया।
थाना प्रभारी अनुज कुमार राना ने मीडिया को बताया कि, “यह एक बेहद अमानवीय और शर्मनाक अपराध है। हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) से यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्ची को नाले में जिंदा फेंका गया था या उसकी हत्या करने के बाद उसे यहां फेंका गया। बच्ची की मौत पानी में डूबने से हुई है या जन्म के समय ही वह मृत पैदा हुई थी (Stillborn), यह भी मेडिकल रिपोर्ट से साफ होगा।”
पुलिस की जांच की दिशा: सीसीटीवी और नर्सिंग होम्स पर नजर
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन निर्मम आरोपियों तक पहुंचना है जिन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने अपनी जांच की परिधि को बढ़ा दिया है।
सबसे पहले एटा रोड और चौमुखी महादेव मंदिर के आस-पास लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह देखने का प्रयास कर रही है कि पिछली रात या तड़के सुबह कोई संदिग्ध व्यक्ति या महिला नाले के आस-पास तो नहीं घूम रहा था। कोई कार या ऑटो रिक्शा जो वहां कुछ देर के लिए रुका हो, उसकी भी तलाश की जा रही है।
इसके अलावा, शिकोहाबाद और आस-पास के सभी सरकारी अस्पतालों, प्राइवेट नर्सिंग होम्स (Nursing Homes), और प्रसूति केंद्रों (Maternity Wards) का रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले 24 से 48 घंटों के भीतर किन-किन महिलाओं की डिलीवरी हुई है और उनमें से कितनों ने बच्ची को जन्म दिया है। स्थानीय आशा कार्यकर्ताओं (Asha Workers) और दाइयों से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या उनके इलाके में कोई ऐसी गर्भवती महिला थी जिसका बच्चा अचानक गायब हो गया हो।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईपीसी की धाराओं के तहत किसी नवजात शिशु को लावारिस छोड़ना या उसे मरने के लिए फेंकना एक अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। यदि जांच में यह साबित होता है कि बच्ची को जिंदा नाले में फेंका गया और उसकी मौत हो गई, तो माता-पिता या जिसने भी उसे फेंका है, उस पर हत्या (Murder – Section 302 IPC / 103 BNS) का मुकदमा दर्ज होगा। इसके अलावा, जन्म छिपाने के लिए गुप्त रूप से शव को ठिकाने लगाने (Concealment of birth by secret disposal of dead body – Section 318 IPC) की कठोर धाराएं भी लगाई जाएंगी, जिसमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
जनता में भारी आक्रोश: ‘कठोरतम सजा मिलनी चाहिए’
इस घटना के बाद से शिकोहाबाद और पूरे फिरोजाबाद जनपद में भारी आक्रोश की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क की चौपालों तक लोग इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को किसी भी हाल में ठंडे बस्ते में न डाला जाए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि, “जो लोग अपनी ही औलाद के साथ ऐसी दरिंदगी कर सकते हैं, वे इंसान कहलाने लायक नहीं हैं। ऐसे खौफनाक हत्यारों को जल्द से जल्द ढूंढकर उन्हें फांसी की सजा देनी चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए और भविष्य में कोई भी अपनी बेटी के साथ ऐसा करने की हिम्मत न कर सके।”
इसके साथ ही, लोगों ने प्रशासन से यह भी अपील की है कि शहर के उन सभी निजी नर्सिंग होम्स और झोलाछाप क्लीनिक्स पर छापेमारी की जाए जो चंद रुपयों के लालच में अवैध गर्भपात (Illegal Abortion) और बिना रिकॉर्ड के डिलीवरी कराने का काला धंधा चलाते हैं। इन्हीं जगहों से अक्सर ऐसे अपराधों को अंजाम दिया जाता है।
निष्कर्ष: समाज को बदलना होगा अपना नजरिया
यह घटना केवल एक कानूनी अपराध नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की उस सड़ी-गली और घिनौनी सोच का परिणाम है जो आज भी बेटियों को बोझ समझती है। जब तक समाज में बेटियों के प्रति यह नजरिया नहीं बदलेगा, तब तक नाले और कूड़ेदानों से ऐसे ही दर्दनाक शव मिलते रहेंगे।
हम चांद पर भले ही पहुंच गए हों, लेकिन हमारी मानसिकता आज भी अंधेरे में जी रही है। जरूरत है कि हम सभी अपने घरों से बेटियों को सम्मान देना शुरू करें।
dlpnewstv.com की टीम इस हृदय विदारक घटना पर अपना गहरा शोक व्यक्त करती है और शिकोहाबाद पुलिस से यह उम्मीद करती है कि वह जल्द से जल्द उन निर्मम हत्यारों को बेनकाब कर कानून के हवाले करेगी, जिन्होंने इस पवित्र धरती को शर्मसार किया है।
फिरोजाबाद और शिकोहाबाद की हर क्राइम न्यूज़, पुलिस जांच और समाज से जुड़ी बड़ी ख़बर के लिए dlpnewstv.com को रोज़ाना विज़िट करें।

1 हृदय विदारक घटना: शिकोहाबाद में इंसानियत हुई शर्मसार, नाले में फेंकी गई नवजात बच्ची, कुत्तों ने नोचा दर्दनाक शव
- 1 हृदय विदारक घटना: शिकोहाबाद में इंसानियत हुई शर्मसार, नाले में फेंकी गई नवजात बच्ची, कुत्तों ने नोचा दर्दनाक शव
- 1 शानदार कामयाबी: बाड़ी पुलिस का भीषण प्रहार, हत्या के प्रयास में 4 साल से फरार 5 हजार का इनामी खौफनाक वारंटी गिरफ्तार
- 1 बड़ी जनसमस्या: बाड़ी में बिना ट्रैफिक इंचार्ज के यातायात व्यवस्था का खौफनाक पतन, भीषण जाम में उबल रही जनता, SP ने दिया सुखद आश्वासन
- 1 शानदार पहल: शिकोहाबाद NH-19 अंडरपास का भीषण भूमि विवाद सुलझा, प्रशासन की मध्यस्थता से किसानों और NHAI के बीच बनी सुखद सहमति
- 1 बड़ी प्रशासनिक विफलता: धौलपुर में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल साबित हुई खौफनाक मजाक, सरकारी इमारतों पर जलती रहीं लाइटें, जनता रही भीषण कन्फ्यूजन में




