ITR रिफंड में देरी? संसद में सरकार ने बताया- क्यों अटके हैं 24.64 लाख इनकम टैक्स रिटर्न
8.80 करोड़ रिटर्न में से लाखों पेंडिंग; ‘नज’ कैंपेन से सरकार के खजाने में आए ₹8,810 करोड़। जानें प्रोसेसिंग में देरी की मुख्य वजहें।
नई दिल्ली। संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने देश के करदाताओं के लिए एक बड़ा अपडेट साझा किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 4 फरवरी 2026 तक देश में रिकॉर्ड 8.80 करोड़ आयकर रिटर्न (ITR) फाइल किए गए, जिनमें से करीब 24.64 लाख रिटर्न अभी भी प्रोसेसिंग के लिए लंबित हैं।
रिटर्न प्रोसेस न होने के कारण लाखों करदाताओं का रिफंड भी अटका हुआ है। विभाग के अनुसार, देरी का मुख्य कारण ई-वेरिफिकेशन न होना, बैंक अकाउंट वैलिडेशन की समस्या या AIS डेटा में अंतर हो सकता है। वित्तीय जानकारी और टैक्स अपडेट्स के लिए DLP News TV से जुड़े रहें।
सरकार के ‘नज’ कैंपेन का बड़ा असर
सरकार ने बताया कि विभाग के ‘नज’ (Nudge) कैंपेन की सफलता के चलते 1.11 करोड़ लोगों ने खुद आगे आकर अपना रिटर्न सुधारा है। इस सॉफ्ट पहल के जरिए विभाग करदाताओं को ईमेल या मैसेज भेजकर गलती सुधारने के लिए प्रेरित करता है। इसके परिणामस्वरुप सरकार को ₹8,810.59 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू प्राप्त हुआ है।
- आयकर पोर्टल पर लॉगिन कर ‘Return Status’ चेक करें।
- देखें कि क्या आपने रिटर्न को ‘e-verify’ कर दिया है।
- अपने बैंक अकाउंट का ‘Pre-validation’ स्टेटस जांचें।
- विभाग से आए किसी भी नोटिस या मैसेज का पोर्टल पर जवाब दें।















Leave a Reply