₹4,371 करोड़ की VISTAR योजना से बदलेगा सरकारी डेटा सिस्टम, AI का भी होगा इस्तेमाल

नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026: केंद्र सरकार ने देश की आधिकारिक सांख्यिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए VISTAR योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर 2026-27 से 2030-31 तक कुल ₹4,371.10 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य सरकारी आंकड़ों को अधिक समय पर, सटीक और जिला स्तर तक उपयोगी बनाना है।

क्या है VISTAR योजना?

VISTAR का पूरा नाम ‘Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research’ है। यह सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसके तहत बड़े सर्वेक्षणों, सांख्यिकीय शोध, डिजिटल प्रक्रियाओं और राष्ट्रीय डेटा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, योजना में डेटा प्रोसेसिंग, सत्यापन और विश्लेषण के काम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा मशीन लर्निंग का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। इसका मकसद केवल तकनीक जोड़ना नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों के लिए भरोसेमंद और समय पर जानकारी उपलब्ध कराना है।

सर्वेक्षणों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

योजना के तहत 16वें वित्त आयोग चक्र के दौरान 59 सर्वेक्षण कराने की योजना है। तुलना के लिए, इससे पहले 43 बड़े सर्वेक्षण किए गए थे। नए सर्वेक्षणों से रोजगार, उपभोग, असंगठित कारोबार और अलग-अलग आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी में मौजूद कमियों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आठवीं आर्थिक गणना भी योजना का हिस्सा

VISTAR के अंतर्गत आठवीं आर्थिक गणना कराने का भी प्रावधान है। इसमें गैर-कृषि प्रतिष्ठानों और उनसे जुड़े कामगारों की जानकारी ग्राम पंचायत तथा वार्ड स्तर तक जुटाई जाएगी। इससे देश के असंगठित आर्थिक क्षेत्र की गतिविधियों का अधिक विस्तृत आकलन करने में मदद मिलेगी।

योजना में मोबाइल फोन, स्कैनर और ई-कॉमर्स जैसे वैकल्पिक डेटा स्रोतों का उपयोग भी शामिल है। सरकार का कहना है कि इससे पारंपरिक सर्वेक्षणों पर बोझ घटाने और आंकड़ों की गुणवत्ता बेहतर करने में सहायता मिल सकती है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भी सांख्यिकीय क्षमता बढ़ाने के लिए सहायता देने की व्यवस्था है।

आम लोगों और कारोबार के लिए इसका क्या अर्थ है?

बेहतर सरकारी आंकड़ों से रोजगार, महंगाई, उपभोग और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़े फैसले अधिक तथ्य-आधारित हो सकते हैं। जिला स्तर की जानकारी बेहतर होने पर योजनाओं का लक्ष्य तय करने, संसाधन बांटने और नीतियों के प्रभाव का आकलन करने में मदद मिलेगी। हालांकि, योजना का वास्तविक असर इसके क्रियान्वयन, डेटा की गुणवत्ता और गोपनीयता सुरक्षा पर निर्भर करेगा।

इससे पहले केंद्र ने महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए ₹2,814 करोड़ की योजना को भी मंजूरी दी थी। महत्वपूर्ण खनिज योजना की पूरी खबर यहां पढ़ें।

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) | DD India


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