राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से नाबालिग लड़कियों की कथित खरीद-फरोख्त और महाराष्ट्र के शहरों तक तस्करी से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। NHRC बालिका तस्करी मामला में आयोग ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों तथा पुलिस महानिदेशकों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
NHRC ने किन आरोपों पर संज्ञान लिया?
आयोग की 3 नवंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 30 अक्टूबर को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि कुछ सीमावर्ती जिलों में गरीबी सहित अन्य कारणों से नाबालिग लड़कियों को बिचौलियों के हाथों बेचा जाता है। रिपोर्ट में फर्जी दस्तावेजों के जरिए उन्हें गोद लिया हुआ दिखाने और बाद में महाराष्ट्र के शहरों में यौन शोषण के लिए बेचने के आरोप भी शामिल थे।
प्रेस विज्ञप्ति में मीडिया रिपोर्ट के हवाले से तीन से पांच लाख रुपये और वयस्क होने के बाद 35 से 40 लाख रुपये तक की कथित रकम का उल्लेख है। ये आंकड़े आयोग द्वारा प्रमाणित निष्कर्ष नहीं हैं; इन्हें मीडिया रिपोर्ट में लगाए गए आरोप के रूप में ही समझा जाना चाहिए।
तीन राज्यों से मांगी गई रिपोर्ट
NHRC ने कहा है कि यदि रिपोर्ट में बताए गए तथ्य सही हैं तो यह बालिकाओं के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होगा। इसी आधार पर तीनों राज्यों के मुख्य सचिवों और DGP से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग की कार्रवाई को आरोपों की पुष्टि या किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।
मामले में आगे की स्थिति संबंधित राज्य सरकारों और पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट होगी।
आधिकारिक स्रोत: NHRC की 3 नवंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति।


