NASA Swift Observatory के 4 नवंबर 2026 को पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करने की संभावना है। NASA ने 2 नवंबर को जारी अपडेट में बताया कि अमेरिकी Space Force का अनुमानित समय सुबह 3:30 बजे EST है, लेकिन इसमें करीब 11 घंटे की अनिश्चितता बनी हुई है। भारतीय समय के अनुसार केंद्रीय अनुमान लगभग दोपहर 2 बजे है; संभावित समय-सीमा 4 नवंबर तड़के से 5 नवंबर की शुरुआत तक फैल सकती है।
Swift Observatory के दोबारा प्रवेश का अनुमान
लगभग 3,200 पाउंड (करीब 1.45 टन) वजनी यह अंतरिक्ष वेधशाला 2004 में लॉन्च की गई थी। NASA के मुताबिक यान का अधिकांश हिस्सा वायुमंडल में जल जाने की उम्मीद है, हालांकि कुछ हिस्से धरती तक पहुंच सकते हैं। अभी किसी संभावित मलबे के गिरने का सटीक स्थान तय नहीं है।
NASA ने बताया कि Swift की कक्षा के झुकाव के कारण बचे हुए टुकड़ों का संभावित क्षेत्र भूमध्यरेखा के उत्तर और दक्षिण में 20.6 डिग्री अक्षांश के बीच सीमित है। एजेंसी ने धरती पर किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचने की संभावना लगभग 2,100 में 1 बताई है।
दो दशक से ज्यादा चला वैज्ञानिक मिशन
Swift को ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली घटनाओं में शामिल गामा-रे बर्स्ट का अध्ययन करने के लिए बनाया गया था। दो साल के मूल मिशन के बाद भी इसने दो दशक से अधिक समय तक कई तरंगदैर्ध्य में अंतरिक्ष का अध्ययन किया।
NASA और Space Force दोबारा प्रवेश की निगरानी जारी रखेंगे और अनुमान में बदलाव होने पर अपडेट देंगे। यह अनुमानित पुनःप्रवेश है; इसे किसी निश्चित स्थान पर गिरने की सूचना न माना जाए।
आधिकारिक स्रोत: NASA Science का 2 नवंबर 2026 अपडेट।



