
1 खौफनाक रहस्य: बाड़ी के निभी ताल में फिर मिला महिला का अज्ञात शव, 4 दिन में दूसरी लाश मिलने से फैली भीषण दहशत
dlpnewstv.com क्राइम और इन्वेस्टिगेशन डेस्क: राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित बाड़ी उपखंड का ‘निभी ताल’ इन दिनों एक खौफनाक और अनसुलझी पहेली बनता जा रहा है। धौलपुर रोड स्थित इस ताल में अज्ञात शवों के मिलने का डरावना सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अभी इलाके के लोग 26 अप्रैल को मिले एक पुरुष के अज्ञात शव की घटना को भूल भी नहीं पाए थे कि 30 अप्रैल की रात इसी ताल से एक महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ है। महज चार दिनों के भीतर एक ही जगह से दो अज्ञात लाशें मिलने से पूरे इलाके में भीषण सनसनी और दहशत फैल गई है।
लोग अब इस ताल को लेकर तरह-तरह की खौफनाक आशंकाएं जता रहे हैं। वसई डांग थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
- बाड़ी के धौलपुर रोड स्थित निभी ताल में 30 अप्रैल की रात मिला महिला का अज्ञात शव।
- इससे पहले 26 अप्रैल को भी इसी ताल से बरामद हुआ था एक पुरुष का संदिग्ध शव।
- लगातार दो लाशें मिलने से ग्रामीणों और राहगीरों में खौफनाक दहशत।
- महिला का शव अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में होने के कारण पहचान करना हुआ मुश्किल।
- वसई डांग एसएचओ दुर्ग सिंह और समाजसेवियों ने ट्रैक्टर की मदद से शव को निकाला बाहर।
- शव को बाड़ी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया, पुलिस हर क्राइम एंगल से कर रही जांच।
30 अप्रैल की रात: ताल में तैरता मिला दूसरा शव
घटना 30 अप्रैल की रात की है। धौलपुर रोड से गुजर रहे कुछ राहगीरों और स्थानीय लोगों को निभी ताल के पानी में कुछ संदिग्ध चीज तैरती हुई दिखाई दी। जब लोगों ने करीब जाकर देखा, तो उनके होश उड़ गए। ताल के गंदे पानी में एक इंसानी लाश उतरा रही थी, जिससे भीषण दुर्गंध आ रही थी।
ग्रामीणों ने बिना देर किए तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वसई डांग थाना पुलिस के एसएचओ (SHO) दुर्ग सिंह अपने पुलिस जाब्ते के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुंच गए। रात का अंधेरा और ताल का कीचड़ भरा पानी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था।
पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला। रात के समय एंबुलेंस की सुविधा तुरंत न मिल पाने के कारण, शव को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली (Tractor) की सहायता से बाड़ी के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) तक पहुंचाया गया।
पहचान में बड़ी अड़चन: शव की हालत बेहद खराब
अस्पताल पहुंचने के बाद जब पुलिस ने शव का पंचनामा भरने की तैयारी की, तो पाया गया कि यह शव एक महिला का है। लेकिन शव इतना अधिक पुराना और पानी में रहने के कारण पूरी तरह से सड़ी-गली अवस्था में था कि उसके चेहरे के नैन-नक्श पहचानना बिल्कुल असंभव हो गया था।
देर रात होने और रोशनी की कमी के कारण मौके पर शिनाख्त की प्राथमिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। पुलिस का अनुमान है कि यह शव कई दिन पुराना है और इसे ताल में फेंके हुए काफी समय बीत चुका है। फिलहाल, महिला के शव को डीप फ्रीजर (Deep Freezer) में सुरक्षित रखवा दिया गया है ताकि मेडिकल बोर्ड द्वारा इसका बारीकी से पोस्टमार्टम किया जा सके।
समाजसेवियों ने निभाई अहम और मानवीय भूमिका
ऐसे भयावह और संवेदनशील मामलों में अक्सर पुलिस को स्थानीय समाजसेवियों की जरूरत पड़ती है, जो बिना किसी स्वार्थ के इंसानियत का फर्ज निभाते हैं। इस मामले में भी बाड़ी के प्रसिद्ध समाजसेवी शब्बीर बाबा ने एक सराहनीय भूमिका निभाई।
शब्बीर बाबा, जो पिछले कई वर्षों से लावारिस और अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार (Cremation/Burial) का पुण्य कार्य करते आ रहे हैं, ने बताया कि गुरुवार रात करीब 8 बजे उन्हें पुलिस का फोन आया था। सूचना मिलते ही वे स्थानीय युवा मुस्तकीम खान और सरपंच रूपसिंह मीणा को साथ लेकर तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंच गए। इन सभी ने मिलकर पुलिस की कागजी कार्रवाई और शव को मोर्चरी में शिफ्ट करने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया।
पुलिस हर खौफनाक एंगल से कर रही है जांच
इस घटना ने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है। वसई डांग एसएचओ दुर्ग सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल को भी इसी निभी ताल से एक पुरुष का अज्ञात शव मिला था। उस शव की 72 घंटे तक शिनाख्त नहीं हो पाई थी, जिसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
अब 4 दिन के भीतर महिला का शव मिलने से पुलिस को किसी गहरी आपराधिक साजिश की बू आ रही है। पुलिस दोनों घटनाओं को जोड़कर (Link) देख रही है।
पुलिस इन गंभीर सवालों के जवाब तलाश रही है: क्या दोनों शवों का आपस में कोई संबंध है? क्या यह किसी हत्या (Murder) का मामला है, जिसमें सबूत मिटाने के लिए शवों को ताल में फेंका गया? या फिर यह कोई दर्दनाक हादसा है?
पुलिस ने जिले और आस-पास के सभी थानों में महिला के हुलिए और कपड़ों की सूचना भेज दी है, ताकि हाल ही में दर्ज हुई गुमशुदगी (Missing Reports) की रिपोर्ट से इसका मिलान किया जा सके।
निष्कर्ष: इलाके में डर का माहौल, खुलासे का इंतजार
निभी ताल में शवों के मिलने की इन घटनाओं ने स्थानीय ग्रामीणों में एक खौफ पैदा कर दिया है। लोग शाम ढलते ही इस ताल के पास से गुजरने में कतराने लगे हैं। पुलिस के लिए यह मामला एक ब्लाइंड केस (Blind Case) की तरह है, जिसे सुलझाना बहुत जरूरी है।
dlpnewstv.com उम्मीद करता है कि पुलिस की सघन जांच जल्द ही रंग लाएगी और इस खौफनाक रहस्य से पर्दा उठेगा। यदि यह हत्या का मामला है, तो दोषियों को सलाखों के पीछे होना चाहिए।
बाड़ी और धौलपुर जिले के इस सनसनीखेज मामले की पल-पल की अपडेट के लिए dlpnewstv.com को बुकमार्क करें।
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