
1 बड़ा भाषाई आंदोलन: पूर्वी राजस्थान में ‘मारवाड़ी’ थोपने का विरोध, बाड़ी में युवाओं का उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
dlpnewstv.com लोकल न्यूज़ डेस्क: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से अनुमति मिलने के बाद मारवाड़ी भाषा को राजस्थानी भाषा का दर्जा देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। लेकिन इस निर्णय ने पूर्वी राजस्थान के युवाओं और छात्रों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड मुख्यालय पर युवाओं ने इसके विरोध में जमकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम (SDM) को ज्ञापन सौंपा।
युवाओं का स्पष्ट आरोप है कि पूर्वी राजस्थान के जिलों में मुख्य रूप से ब्रजभाषा (Braj Bhasha) और हिंदी का प्रचलन है। ऐसे में पूरे प्रदेश पर मारवाड़ी भाषा को थोपना पूर्वी राजस्थान की संस्कृति और छात्रों के भविष्य के साथ एक बड़ा अन्याय होगा।
- मारवाड़ी को राजस्थानी भाषा का दर्जा देने की प्रक्रिया का पूर्वी राजस्थान में भारी विरोध।
- बाड़ी उपखंड मुख्यालय पर छात्रों और युवाओं का उग्र प्रदर्शन, SDM को दिया ज्ञापन।
- युवाओं का तर्क: पूर्वी राजस्थान में ब्रजभाषा और हिंदी का है प्रचलन।
- संविधान के अनुच्छेद 29(1) और 350A का हवाला देकर भाषाई अधिकारों की मांग।
- धौलपुर, भरतपुर, करौली, अलवर सहित कई जिलों के छात्रों पर मारवाड़ी थोपने का आरोप।
- आंदोलन को जिला और संभाग स्तर तक ले जाने की खुली चेतावनी।
मारवाड़ी थोपने पर आक्रोश: ब्रजभाषा के अस्तित्व पर खतरा
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पुष्पेंद्र गुर्जर ने कहा कि हम उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन पूर्वी राजस्थान की भाषाई वास्तविकता अलग है। यहां सदियों से ब्रजभाषा और हिंदी बोली जाती है।
गुर्जर ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि मारवाड़ी भाषा को पूरे प्रदेश की तीसरी भाषा के रूप में थोपा जाता है, तो यह ब्रजभाषा के अस्तित्व को खत्म करने का एक सोची-समझी साजिश जैसा होगा। समरथ गुर्जर और मनोज राजावत ने भी इस बात का समर्थन करते हुए बताया कि प्रदेश के पूर्वी भाग (धौलपुर, भरतपुर, डीग, करौली, सवाई माधोपुर, अलवर और दौसा) में मारवाड़ी भाषा का कोई औचित्य नहीं है।
संविधान का हवाला: अनुच्छेद 29(1) और 350A की दिलाई याद
आंदोलनकारी युवाओं ने अपनी मांगों को कानूनी आधार देते हुए संविधान का भी हवाला दिया। युवा नेता शेर सिंह गुर्जर ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29(1) का उल्लेख किया, जो देश के नागरिकों को उनकी अपनी विशेष भाषा, लिपि और संस्कृति के संरक्षण का मौलिक अधिकार देता है।
साथ ही, उन्होंने अनुच्छेद 350A की याद दिलाई, जो यह सुनिश्चित करता है कि प्राथमिक स्तर पर शिक्षा मातृभाषा में दी जानी चाहिए। गुर्जर ने कहा कि यदि सरकार बिना किसी जमीनी अध्ययन के यह भाषा नीति लागू करती है, तो यह पूर्वी राजस्थान के लगभग 20 प्रतिशत छात्रों के भविष्य और शिक्षा के साथ सीधा अन्याय होगा।
आंदोलन की चेतावनी: संभाग स्तर तक गूंजेगी आवाज
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि पूर्वी राजस्थान की आधिकारिक और शैक्षणिक भाषा हिंदी एवं ब्रजभाषा ही रहनी चाहिए। इससे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और स्कूली शिक्षा में छात्रों को परेशानी नहीं होगी।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मानवेंद्र बैंसला और देशराज कंसाना ने खुली चेतावनी दी है कि यह आंदोलन अब थमने वाला नहीं है। दो दिन पूर्व बसेड़ी में इसका शंखनाद हुआ था, आज बाड़ी में प्रदर्शन हुआ है, और आने वाले दिनों में धौलपुर जिला मुख्यालय तथा भरतपुर संभाग मुख्यालय पर इसे बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा।
इस विशाल विरोध प्रदर्शन में बन्टू प्रजापति, अमन गुर्जर, आदित्य, विपिन, ललित दर्शन गुर्जर, प्रदीप, हंसराम, तन्वेश, तनवी, यश, शिवा, विक्रम रिहान, शिवानी, अदिति, आर्यन, लोकेश, संदीप, कप्तान, धीरज, हर्षल, करन, मोहित, चेतन शर्मा, राहुल गुर्जर, बबलू, हिमांक और प्रियांशी सहित सैकड़ों की संख्या में युवा और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
बाड़ी, धौलपुर और पूर्वी राजस्थान के हर बड़े जन-आंदोलन की सबसे तेज़ अपडेट के लिए dlpnewstv.com पर रोज़ाना विज़िट करें।
1 बड़ा भाषाई आंदोलन: पूर्वी राजस्थान में ‘मारवाड़ी’ थोपने का विरोध, बाड़ी में युवाओं का उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

1 बड़ा भाषाई आंदोलन: पूर्वी राजस्थान में ‘मारवाड़ी’ थोपने का विरोध, बाड़ी में युवाओं का उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

1 बड़ा भाषाई आंदोलन: पूर्वी राजस्थान में ‘मारवाड़ी’ थोपने का विरोध, बाड़ी में युवाओं का उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

- 1 बड़ा स्वास्थ्य अभियान: फ़िरोज़ाबाद के नगला जोरे में ‘विश्व तम्बाकू निषेध दिवस’ पर उठी आवाज़, भारत में हर साल 13 लाख मौतों का डरावना सच आया सामने
- 1 बड़ा भाषाई आंदोलन: पूर्वी राजस्थान में ‘मारवाड़ी’ थोपने का विरोध, बाड़ी में युवाओं का उग्र प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
- बाड़ी: नयागांव में जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष, मां-बेटे पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला, नकदी और मोबाइल लूटने का आरोप
- फिरोजाबाद की ‘न्यू विकास लाइट’: 50 साल से रोशन कर रही देश के उत्सव, अब पैन इंडिया डिलीवरी के साथ बनी नई मिसाल
- 1950 से शिकोहाबाद को ‘Power’ दे रहा है यह परिवार, 110 सालों के अनुभव के साथ ‘Manohar Battery Works’ बना एक मिसाल




