ताज ट्रेपेजियम जोन पेड़ कटाई को लेकर Central Empowered Committee (CEC) ने सुप्रीम कोर्ट के सामने दो बिजली पारेषण परियोजनाओं के लिए 272 पेड़ हटाने और 610 पेड़ों की छंटाई की सिफारिश की है। Times of India की 3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित लाइनें राजस्थान को घिरोर और फिरोजाबाद से जोड़ेंगी। समिति ने इसके बदले आगरा और फिरोजाबाद में 8,880 पेड़ लगाने का प्रस्ताव भी रखा है।
ताज ट्रेपेजियम जोन पेड़ कटाई का प्रस्ताव किन परियोजनाओं के लिए है?
पहली परियोजना 765 केवी D/C दौसा-घिरोर ट्रांसमिशन लाइन है, जिसकी लंबाई 124 किलोमीटर बताई गई है। इसका उद्देश्य राजस्थान में सौर परियोजनाओं से बनने वाली 3.5 गीगावाट बिजली को ग्रिड तक पहुंचाना है। CEC के निरीक्षण के बाद लाइन का अलाइनमेंट बदला गया। रिपोर्ट के मुताबिक इस हिस्से में 85 पेड़ काटने और 400 पेड़ों की छंटाई का प्रस्ताव है। काटे जाने वाले पेड़ों में 69 आगरा और 16 फिरोजाबाद में बताए गए हैं।
दूसरी परियोजना 400 केवी D/C घिरोर-फिरोजाबाद लाइन है, जिसकी लंबाई 48 किलोमीटर है। CEC सदस्य अंजन कुमार मोहंती की रिपोर्ट के हवाले से इसमें फिरोजाबाद जिले के TTZ क्षेत्र में 187 पेड़ काटने और 210 पेड़ों की हल्की छंटाई की सिफारिश की गई है।
8,880 पेड़ लगाने का प्रस्ताव
CEC ने दोनों परियोजनाओं के लिए कुल 8,880 पेड़ों के प्रतिपूरक रोपण का प्रस्ताव रखा है। इसमें घिरोर-फिरोजाबाद लाइन के लिए 45.61 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण शामिल है—20 हेक्टेयर आगरा और 25.61 हेक्टेयर फिरोजाबाद में। Power Grid Corporation ने अपने घिरोर और फिरोजाबाद सबस्टेशनों पर 4,030 पेड़ लगाने की भी बात कही है।
अभी सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी
CEC की सिफारिश अपने-आप पेड़ काटने की अनुमति नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार समिति ने सुप्रीम कोर्ट से पर्यावरणीय शर्तों के साथ अनुमति पर विचार करने का अनुरोध किया है। TTZ Authority के अध्यक्ष से यह सुनिश्चित करने को भी कहा गया है कि जरूरी अनुमति मिलने से पहले किसी परियोजना में पेड़ काटने का काम शुरू न हो।
रिपोर्ट: Times of India, Agra, 3 नवंबर 2026

