तवांग बुद्ध अवशेष दर्शन के लिए अरुणाचल प्रदेश के तवांग मठ में सात दिनों के दौरान 31 हजार श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। शाक्यमुनि बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी का तवांग चरण 7 नवंबर को संपन्न हुआ। संस्कृति मंत्रालय ने 8 नवंबर को जारी जानकारी में श्रद्धालुओं की संख्या की पुष्टि की।
गादेन नामग्याल ल्हात्से यानी तवांग मठ में यह प्रदर्शनी 31 अक्टूबर को शुरू हुई थी। पवित्र अवशेष नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय से लाए गए थे। आयोजन संस्कृति मंत्रालय, अरुणाचल प्रदेश सरकार और इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन के सहयोग से किया गया।
अब बोमडिला में 13 नवंबर तक दर्शन
सरकारी कार्यक्रम के अनुसार, तवांग चरण पूरा होने के बाद अवशेषों को भारतीय वायुसेना के माध्यम से बोमडिला ले जाया गया। यहां टीजीएल मठ (लोअर गोम्पा) में 8 से 13 नवंबर तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रदर्शनी रखी जाएगी। इसके बाद 14 से 20 नवंबर तक नामसाई स्थित गोल्डन पैगोडा में दर्शन की व्यवस्था प्रस्तावित है।
1898 में हुई थी अवशेषों की खोज
पीआईबी के अनुसार, इन अवशेषों का संबंध उत्तर प्रदेश के पिपरहवा पुरातात्विक स्थल से है, जहां 1898 में इनकी खोज हुई थी। प्रदर्शनी के साथ बौद्ध विरासत और पिपरहवा अवशेषों के इतिहास पर विशेष प्रदर्शनियां भी आयोजित की गईं।
दर्शन की तारीखों और स्थानों में बदलाव की संभावना के लिए श्रद्धालु स्थानीय प्रशासन की सूचना देखें। संस्कृति मंत्रालय की पूरी विज्ञप्ति पढ़ें।
स्रोत: आधिकारिक/प्राथमिक स्रोत
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