नई दिल्ली, 8 नवंबर 2026: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के अक्टूबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार देश में 3,54,625 इलेक्ट्रिक वाहनों का रिटेल रजिस्ट्रेशन हुआ। यह अक्टूबर 2025 के मुकाबले लगभग 44.88 प्रतिशत अधिक है और किसी एक महीने का रिकॉर्ड स्तर बताया गया है।
दोपहिया वाहनों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
Economic Times की PTI आधारित रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 2,24,064 यूनिट रही। इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों के 88,570 रजिस्ट्रेशन हुए, जबकि इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की संख्या 37,049 रही। इससे साफ है कि EV बाजार में दोपहिया और तीनपहिया सेगमेंट की भूमिका अहम बनी हुई है।
EV की बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी
FADA के आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट में कुल वाहन रिटेल में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 11.5 प्रतिशत बताई गई है, जो एक साल पहले करीब 6 प्रतिशत थी। इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों के रजिस्ट्रेशन में भी सालाना आधार पर मजबूत बढ़त दर्ज हुई।
मांग के साथ सप्लाई और चार्जिंग नेटवर्क अहम
तेजी के बावजूद उद्योग के सामने वाहन उपलब्धता, बैटरी लागत, चार्जिंग सुविधाओं और आफ्टर-सेल्स सर्विस जैसी चुनौतियां हैं। रिपोर्ट में उद्योग प्रतिनिधियों के हवाले से कहा गया कि कुछ श्रेणियों में मांग सप्लाई से आगे रही। छोटे शहरों में EV अपनाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए भरोसेमंद चार्जिंग नेटवर्क और सर्विस व्यवस्था जरूरी होगी।
ग्राहक खरीदने से पहले क्या जांचें?
EV खरीदने से पहले वास्तविक ड्राइविंग रेंज, बैटरी वारंटी, चार्जिंग समय, नजदीकी सर्विस सेंटर, बैटरी बदलने की शर्तें और घर पर चार्जिंग की सुविधा की जानकारी लें। केवल शुरुआती कीमत देखकर फैसला करना पर्याप्त नहीं है।
स्रोत: The Economic Times / PTI, 6 नवंबर 2026; Business Standard।
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