ग्वालियर: जयारोग्य अस्पताल (JAH) में मरीजों को एक विभाग से दूसरे विभाग या जांच केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। नईदुनिया की 6 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में मरीज परिवहन के लिए केवल दो पुरानी एंबुलेंस उपलब्ध होने की बात सामने आई है।
गंभीर मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं
रिपोर्ट में बताया गया कि न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी जैसे विभागों में भर्ती मरीजों को सीटी स्कैन और अन्य जांच के लिए ले जाने में परेशानी हो रही है। जरूरत के समय एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर परिजनों को निजी वाहन या निजी एंबुलेंस की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
निजी वाहन से मरीज ले जाने का जोखिम
गंभीर मरीजों को कई बार ऑक्सीजन, निगरानी और चिकित्सकीय सहायता की जरूरत होती है। सामान्य निजी वाहन में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं। इसलिए अस्पताल परिसर के भीतर मरीजों के सुरक्षित परिवहन के लिए पर्याप्त संसाधन जरूरी हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद भी सवाल
नईदुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पेशेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम सुधारने के निर्देश स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की ओर से भी दिए जा चुके हैं। JAH प्रवक्ता ने व्यवस्था की समीक्षा कर मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की बात कही।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण और नई एंबुलेंस की उपलब्धता की जानकारी सामने आने पर खबर अपडेट की जाएगी।
स्रोत: नईदुनिया, 6 नवंबर 2026.
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