
धौलपुर पुलिस की शानदार कामयाबी: 3 साल से फरार 10 हजार का इनामी बदमाश बंटी गिरफ्तार, खौफनाक डकैत गैंग का था अहम हिस्सा
dlpnewstv.com विशेष रिपोर्ट: राजस्थान के धौलपुर और भरतपुर सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे राजस्थान पुलिस के विशेष अभियानों में एक बड़ी और शानदार सफलता सामने आई है। धौलपुर जिले की बसई डांग थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पिछले तीन साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे 10 हजार का इनामी बदमाश बंटी को आखिरकार भरतपुर से धर दबोचा है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से संगीन अपराधों में लिप्त था और डकैती की योजना बनाने तथा पुलिस पर जानलेवा हमला करने जैसे अत्यंत गंभीर मामलों में वांछित था। इस गिरफ्तारी से न केवल स्थानीय लोगों को बड़ी सुखद राहत मिली है, बल्कि क्षेत्र में पनप रहे अपराध के नेटवर्क पर भी करारी चोट लगी है।
- आरोपी बंटी गज्जीपुरा (थाना बाड़ी सदर) का निवासी है और टॉप 10 मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल था।
- 3 साल पहले कुख्यात डकैत रामलखन गुर्जर की गैंग के साथ मिलकर पुलिस पर किया था जानलेवा हमला।
- धौलपुर एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत हुई यह सनसनीखेज गिरफ्तारी।
- बदमाश पर डकैती, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं।
मुखबिर की सटीक सूचना और 10 हजार का इनामी बदमाश की गिरफ्तारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से फरार चल रहे इस शातिर अपराधी की तलाश में धौलपुर पुलिस कई महीनों से विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी बीच, पुलिस को अपने विश्वसनीय मुखबिर तंत्र से एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई। मुखबिर ने बताया कि 10 हजार रुपए का इनामी बदमाश बंटी भरतपुर के एक विशेष इलाके में छिपा हुआ है और वहां उसे देखा गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए बसई डांग थाना अधिकारी दुर्ग सिंह ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया।
इस पुलिस टीम में एएसआई जयदेव, हेड कॉन्स्टेबल भगवान सिंह, कॉन्स्टेबल नत्थन और राहुल शर्मा को शामिल किया गया। टीम ने बिना कोई समय गंवाए भरतपुर के लिए प्रस्थान किया और मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान की घेराबंदी कर ली। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम की सतर्कता और पेशेवर रणनीति के आगे उसकी एक न चली और उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी विकास सांगवान का ‘ऑपरेशन प्रहार’: अपराधियों में मचा हड़कंप
धौलपुर जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आमजन में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास सांगवान के सख्त निर्देश पर ‘ऑपरेशन प्रहार’ नामक एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। थाना अधिकारी दुर्ग सिंह ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है, जो संगीन वारदातों को अंजाम देकर लंबे समय से फरार हैं।
इस अभियान के तहत पुलिस लगातार वांटेड लिस्ट को अपडेट कर रही है और टॉप 10 अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष रणनीति बना रही है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ की वजह से जिले के अपराधियों में भारी खौफ का माहौल है। यह गिरफ्तारी उसी कड़ी का एक अहम हिस्सा है, जो साबित करती है कि कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि अपराध करने वाला कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी शातिर क्यों न हो, अब पुलिस की गिरफ्त से बच नहीं सकता।
3 साल पहले का वह खौफनाक दिन: जब पुलिस पार्टी पर हुआ था हमला
गिरफ्तार किए गए बदमाश बंटी का आपराधिक इतिहास बेहद संगीन रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आज से करीब तीन साल पहले धौलपुर के बीहड़ों में सक्रिय कुख्यात डकैत रामलखन गुर्जर की गैंग ने पुलिस पार्टी पर एक खौफनाक और जानलेवा हमला किया था। आरोप है कि बंटी जगन्नाथ गुर्जर भी उस समय उसी डकैत गैंग का सक्रिय सदस्य था और उसने भी पुलिस पर फायरिंग की थी।
इस दुस्साहसिक घटना के बाद पुलिस ने गैंग के कई सदस्यों को तो पकड़ लिया था, लेकिन बंटी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब हो गया था। पिछले 36 महीनों से वह अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर फरारी काट रहा था। पुलिस के अनुसार, इस दौरान उसने कई बार डकैती की योजना भी बनाई थी। पुलिस पर हमला करने के इस दुस्साहस के कारण ही धौलपुर एसपी ने इस शातिर अपराधी पर 10 हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया था।
आरोपी पर दर्ज मामले और आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी बंटी पुत्र जगन्नाथ गुर्जर, जो कि गज्जीपुरा (थाना बाड़ी सदर) का मूल निवासी है, के खिलाफ थाने में भारतीय न्याय संहिता (पहले भारतीय दंड संहिता – IPC) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। इसमें हत्या का प्रयास (Attempt to Murder), डकैती की साजिश रचना और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे संगीन आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, अवैध हथियारों के उपयोग को लेकर आर्म्स एक्ट (Arms Act) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
वर्तमान में पुलिस टीम आरोपी से सघन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि फरारी के इन तीन सालों के दौरान उसे किसने पनाह दी, वह किन-किन वारदातों में शामिल रहा और क्या वह किसी नई और भीषण वारदात को अंजाम देने की फिराक में तो नहीं था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य सनसनीखेज खुलासे होने की भी प्रबल संभावना है।
निष्कर्ष: आम जनता के लिए राहत भरी खबर
अंततः, बसई डांग थाने के टॉप 10 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल एक इतने खतरनाक अपराधी का पकड़ा जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता के विश्वास को और मजबूत करता है। dlpnewstv.com की टीम पुलिस के इस साहसिक कदम की सराहना करती है। आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को जल्द ही माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। अपराध जगत से जुड़ी इस मामले की हर अपडेट हम आप तक सबसे पहले पहुंचाते रहेंगे।




