AI सिस्टम की सुरक्षा के लिए CERT-In के नए दिशानिर्देश, गंभीर घटना की रिपोर्ट 6 घंटे में

AI सिस्टम सुरक्षा दिशानिर्देश को लेकर CERT-In ने सरकारी विभागों और निजी कंपनियों के लिए नया ऑडिट ढाँचा जारी किया है। 5 नवंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट योग्य AI-संबंधित साइबर सुरक्षा घटनाओं की जानकारी छह घंटे के भीतर देनी होगी। दिशानिर्देशों का उद्देश्य ऐसे AI सिस्टम और एजेंट्स की सुरक्षा मजबूत करना है, जो डेटा पढ़ने, निर्णय लेने और सीमित मानवीय हस्तक्षेप के साथ डिजिटल काम कर सकते हैं।

AI सिस्टम सुरक्षा दिशानिर्देशों में क्या बदला?

नए ढाँचे में AI सिस्टम को जोखिम के आधार पर चार श्रेणियों—Low, Moderate, High और Critical—में बाँटने की व्यवस्था बताई गई है। जोखिम का आकलन इस आधार पर होगा कि सिस्टम को सुरक्षा उल्लंघन से कितना नुकसान हो सकता है, उसे कितनी स्वायत्तता मिली है, किस स्तर का संवेदनशील डेटा उसके पास है और संभावित नुकसान को वापस ठीक किया जा सकता है या नहीं।

जोखिम की श्रेणी के आधार पर ऑडिट की गहराई और आवृत्ति, ऑडिटर की स्वतंत्रता, दस्तावेजीकरण, मानवीय निगरानी और निरंतर मॉनिटरिंग की जरूरत तय होगी। इससे किसी सामान्य चैटबॉट और संवेदनशील सरकारी या वित्तीय सिस्टम पर काम करने वाले स्वायत्त AI एजेंट को समान स्तर के जोखिम पर नहीं आँका जाएगा।

छह घंटे में घटना की रिपोर्ट क्यों जरूरी?

दिशानिर्देशों के मुताबिक रिपोर्ट योग्य AI साइबर घटनाओं की जानकारी छह घंटे के भीतर देनी होगी। यह समय-सीमा CERT-In के 2022 में जारी मौजूदा साइबर घटना रिपोर्टिंग निर्देशों पर आधारित है, जिनमें कुछ श्रेणियों की घटनाओं की रिपोर्ट छह घंटे में देने का प्रावधान पहले से है। AI सिस्टम के मामले में भी शुरुआती सूचना मिलने से नुकसान रोकने, डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने और प्रभावित प्रणालियों को अलग करने में मदद मिल सकती है।

ऑडिट में किन क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा?

रिपोर्ट के अनुसार संगठनों को नौ क्षेत्रों में सुरक्षा ऑडिट करना होगा। इनमें गवर्नेंस और जवाबदेही, डेटा प्रबंधन और गोपनीयता, AI मॉडल जोखिम प्रबंधन, पक्षपात और निष्पक्षता, तथा AI सिस्टम की व्याख्यात्मकता जैसे क्षेत्र शामिल हैं। कंपनियों को यह भी बताना होगा कि AI सिस्टम किस उद्देश्य के लिए बनाया गया है, उसकी कार्य-सीमाएँ क्या हैं और उससे जुड़े तीसरे पक्ष के वेंडर कौन हैं।

AI सिस्टम के सुरक्षा लॉग कम से कम 180 दिनों तक सुरक्षित रखने और अलग-अलग AI घटकों में समय-चिह्न (timestamps) समन्वित रखने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। इससे साइबर घटना होने पर जांचकर्ता सिस्टम की गतिविधियों का क्रम समझ सकेंगे।

कंपनियों और आम यूजर्स के लिए क्या मायने?

संगठनों को AI मॉडल, प्रशिक्षण डेटा, प्रॉम्प्ट, कॉन्फिगरेशन और बाद में किए गए बदलावों का रिकॉर्ड रखना होगा। यह जिम्मेदारी केवल AI बनाने वाली कंपनी तक सीमित नहीं रहती; AI का उपयोग करने वाली संस्था को भी अपनी सुरक्षा, अनुमतियों और निगरानी की व्यवस्था पर ध्यान देना होगा।

आम यूजर्स के लिए इसका अर्थ है कि AI आधारित सेवाओं का उपयोग करते समय डेटा सुरक्षा, सीमित अनुमति और मानव समीक्षा को गंभीरता से लेना होगा। किसी AI एजेंट को बैंकिंग, ग्राहक रिकॉर्ड या आंतरिक सिस्टम तक व्यापक पहुँच देने से पहले संगठन को उसके अधिकारों की समीक्षा करनी चाहिए।

AI की मदद से बढ़ते साइबर खतरे पर DLP News TV24 की Crafty Falcon साइबर हमले पर रिपोर्ट भी पढ़ें।

स्रोत

दिशानिर्देशों का विवरण द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दिया गया है। CERT-In की आधिकारिक सूचनाएँ CERT-In वेबसाइट पर देखी जा सकती हैं।

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