जयपुर SC-ST कोर्ट में पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा सहित 7 आरोपियों पर चार्ज फ्रेम
Jaipur | Court News: जयपुर स्थित विशेष SC-ST कोर्ट ने पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा सहित सात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और SC-ST एक्ट की धाराओं में आरोप तय (चार्ज फ्रेम) कर दिए हैं।
यह आदेश विशेष न्यायाधीश विद्यानंद शुक्ला की अदालत द्वारा पारित किया गया।
🔹 2022 की डिस्कॉम ऑफिस मारपीट से जुड़ा मामला
यह प्रकरण 28 मार्च 2022 को धौलपुर जिले के बाड़ी स्थित डिस्कॉम कार्यालय में हुई मारपीट की घटना से संबंधित है।
मामले में आरोप है कि तत्कालीन विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के कहने पर AEN हर्षदापति और JEN नितिन गुलाटी के साथ मारपीट की गई थी।
🔹 किन धाराओं में हुए चार्ज फ्रेम
अदालत ने पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा सहित राकेश, भोला, सचिन, गुमान, प्रमोद और समीर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं तथा SC-ST अधिनियम के तहत आरोप तय किए हैं।
🔹 हाईकोर्ट के आदेश पर जयपुर ट्रांसफर हुआ केस
यह मामला पहले धौलपुर में दर्ज था, जिसे हाईकोर्ट के निर्देश पर जयपुर की SC-ST कोर्ट में स्थानांतरित किया गया था।
🔹 जमानत से जुड़ा पूरा घटनाक्रम
पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को 17 मई 2022 को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। हालांकि, जमानत के बाद निकाले गए जुलूस को अदालत ने जमानत का दुरुपयोग मानते हुए 5 जुलाई 2024 को जमानत निरस्त कर दी थी।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मलिंगा ने 20 नवंबर को धौलपुर SC-ST कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। बाद में उन्हें पुनः जमानत मिली।
🔹 घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई
डिस्कॉम इंजीनियर्स के साथ हुई मारपीट के बाद राज्यभर में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। घटना के बाद तत्कालीन धौलपुर एसपी शिवराज मीणा का तबादला भी किया गया था।
इसके साथ ही बाड़ी के तत्कालीन डीएसपी और कोतवाल को भी निलंबित किया गया था।
🔹 आगे की प्रक्रिया
चार्ज फ्रेम होने के बाद अब मामले में नियमित सुनवाई और साक्ष्य परीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत के आदेशों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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