फिरोजाबाद के दहेज हत्या मामले में पति को उम्रकैद, 20 हजार रुपये का जुर्माना
फिरोजाबाद के नारखी क्षेत्र के कोटला गांव में 2013 में हुई विवाहिता की मौत के मामले में अदालत ने पति को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। पांच अन्य सह-आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया।

फिरोजाबाद, 3 नवंबर 2026। करीब 13 साल पुराने दहेज हत्या मामले में फिरोजाबाद की एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में पांच अन्य सह-आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, घटना 31 मई 2013 को थाना नारखी क्षेत्र के ग्राम कोटला में हुई थी। आरोप था कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता रजनी को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने मृतका के मृत्यु पूर्व दिए गए बयान को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना।
मृत्यु पूर्व बयान बना फैसले का आधार
अदालत ने पति धर्मेंद्र उर्फ पिंकी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। वहीं, अन्य पांच आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें बरी कर दिया गया। अदालत का फैसला मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाही के आधार पर आया है।
इस फैसले में एक बार फिर मृत्यु पूर्व बयान की अहमियत सामने आई है। अदालत ने उपलब्ध सामग्री की जांच के बाद प्रत्येक आरोपी की भूमिका अलग-अलग परखी और जिनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले, उन्हें दोषमुक्त किया।
स्रोत: अमर उजाला, 3 नवंबर 2026।
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