घटनाक्रम: रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा
फ़िरोज़बाद। जनपद के थाना रामगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत शनिवार को एक बड़ा और दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। कोटला रोड पर स्थित मिश्रा जी के पेट्रोल पंप के समीप सवारियों से खचाखच भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गया।
इस भीषण रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा के दौरान ऑटो में चीख-पुकार मच गई। दुर्भाग्यवश, इस दुर्घटना में एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य 4 सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
बाजार से लौट रहा था परिवार, रास्ते में पसरा मातम
मिली जानकारी के अनुसार, ऑटो में कुल 7 लोग सवार थे। यह सभी लोग फिरोजाबाद मुख्य बाजार से खरीदारी कर अपने गांव बरतरा की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ऑटो की रफ्तार काफी तेज थी और पेट्रोल पंप के पास पहुंचते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया।
असंतुलित होकर ऑटो कई बार सड़क पर रगड़ा और पलट गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय राहगीरों ने साहस दिखाते हुए घायलों को ऑटो से बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।
अस्पताल में मासूम को मृत घोषित किया
रामगढ़ थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सभी घायलों को आनन-फानन में सरकारी जिला अस्पताल पहुँचाया। जहाँ डॉक्टरों ने 7 वर्षीय पलक (पुत्री रंजीत) को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घायलों में मृतका की माँ पूजा (पत्नी रंजीत), शालिनी (पत्नी अवधेश) और मासूम आर्यन (पुत्र अवधेश) का उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, दो घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
घायल परिवारों की आर्थिक और मानसिक स्थिति
बरतरा गांव का यह परिवार शनिवार को फिरोजाबाद बाजार अपनी जरूरतों का सामान खरीदने आया था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि बाजार से लौटते समय उनकी दुनिया उजड़ जाएगी। 7 साल की मासूम पलक की मौत ने न केवल रंजीत के परिवार को तोड़ा है, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर फैला दी है।
अस्पताल के बिस्तर पर गंभीर रूप से घायल पूजा और शालिनी के लिए यह सदमा असहनीय है। रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा न केवल एक दुर्घटना है, बल्कि यह उस अव्यवस्था का परिणाम है जहाँ एक मासूम की जान सस्ती समझी जाती है। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, आर्यन और शालिनी को गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं, जिससे उनके पूर्ण स्वस्थ होने में लंबा समय लग सकता है।
विशेष चर्चा: ऑटो रिक्शा में ओवरलोडिंग बनी जानलेवा
फ़िरोज़बाद के रामगढ़ और कोटला रोड पर चलने वाले ऑटो अक्सर क्षमता से अधिक सवारियां बिठाते हैं। 3 या 4 सवारियों की क्षमता वाले ऑटो में 7 से 8 लोगों का बैठना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक है। रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा का एक मुख्य कारण ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार भी माना जा रहा है। जब वाहन भार से अधिक भरा होता है, तो मामूली मोड़ या ढलान पर भी चालक का नियंत्रण खत्म हो जाता है।
फरार ऑटो चालक की तलाश तेज
हादसे के बाद ऑटो चालक घायलों की मदद करने के बजाय मौके से फरार हो गया। रामगढ़ थाना पुलिस ने ऑटो को कब्जे में ले लिया है और चालक की शिनाख्त के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
निष्कर्ष: यातायात नियमों की अनदेखी पड़ रही भारी
यह दुखद घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि सड़क पर बरती गई जरा सी लापरवाही किसी का घर उजाड़ सकती है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि कोटला रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर डग्गामार और ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाए। मृतका पलक के परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।
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