बाड़ी में ईद-उल-फितर 2026 का उल्लास: मस्जिदों और ईदगाहों में गूंजी ‘अल्लाह-हु-अकबर’ की सदाएं, गले मिलकर दी मुबारकबाद

बाड़ी में ईद-उल-फितर 2026 का उल्लास: मस्जिदों और ईदगाहों में गूंजी ‘अल्लाह-हु-अकबर’ की सदाएं, गले मिलकर दी मुबारकबाद
Bari Dholpur Festival Update | Saturday, March 21, 2026
चाँद के दीदार के साथ खत्म हुआ रमजान का मुकद्दस महीना; विधायक जसवंत गुर्जर और पूर्व विधायक गिर्राज मलिंगा ने दी शुभकामनाएं।
बाड़ी शहर में मीठी ईद की धूम
बाड़ी (धौलपुर)। शुक्रवार की शाम जैसे ही बाड़ी के आसमान पर शव्वाल का चाँद नजर आया, पूरे मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई। शनिवार की सुबह बाड़ी शहर भर में ‘मीठी ईद’ का त्योहार अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। विभिन्न मोहल्लों को रंग-बिरंगी लाइटों और झंडियों से सजाया गया था, जहाँ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी नए परिधानों में सजे नजर आए।
मुख्य नमाज और दुआ-ए-खैर
शहर की एक दर्जन से अधिक मस्जिदों और ऐतिहासिक ईदगाहों में ईद की मुख्य नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान हजारों हाथ खुदा की बारगाह में उठे और देश में अमन, चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। नमाज मुकम्मल होने के बाद मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा। इस दौरान नन्हे बच्चों में ईदी को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
रमजान का त्याग और ईद का पुरस्कार
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, रमजान का नौवां महीना सबसे पवित्र और बरकत वाला माना जाता है। पूरे एक महीने तक रोजेदारों ने कड़ी धूप और प्यास की शिद्दत के बावजूद अल्लाह की इबादत की। रमजान के रोजे पूरे होने के बाद ईद-उल-फितर का यह त्योहार खुदा की ओर से रोजेदारों के लिए एक पुरस्कार (ईनाम) की तरह होता है। इस दिन घरों में विशेष रूप से ‘सेवइयां’ और ‘खीर’ बनाई जाती है, जो इस त्योहार की मिठास को और बढ़ा देती है।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
बाड़ी हमेशा से अपनी आपसी एकता के लिए जाना जाता है। इस अवसर पर राजनीति और धर्म से ऊपर उठकर जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कांग्रेस नेता प्रशांत परमार, ब्लॉक अध्यक्ष रामेंद्र मीना सहित कई पदाधिकारियों ने मस्जिदों के बाहर पहुँचकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को बधाई दी। विधायक जसवंत गुर्जर और पूर्व विधायक गिर्राज मलिंगा ने अपने संदेश में कहा कि ईद का यह त्योहार समाज में नफरत मिटाकर मोहब्बत बांटने का संदेश देता है।
इन मस्जिदों में अदा की गई नमाज
बाड़ी के विभिन्न हिस्सों में नमाज का समय अलग-अलग निर्धारित था, जिससे कहीं भी भीड़ अनियंत्रित न हो। प्रमुख रूप से:
- इस्लामिया मदरसा मस्जिद और शाही मस्जिद (घंटाघर)
- सदर बाजार, लुहार बाजार और अजीजपुरा मस्जिद
- नूरानी मस्जिद (गुमट), कीडी और बटवाल पाड़ा मस्जिद
- अलीगढ़ रोड, तुलसीवन रोड (मामू-भांजा) और हथियापोर मस्जिद
- बसेड़ी रोड स्थित भव्य ईदगाह और सरमथुरा रोड स्थित इमाम बाग
प्रशासन की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
त्योहार के दौरान शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। एसडीएम भगवत शरण त्यागी, तहसीलदार मुकेश कुमार मीणा और नगर पालिका ईओ उत्तम चंद बंसल ने स्वयं क्षेत्रों का दौरा किया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ महेंद्र कुमार और कोतवाली एसएचओ देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। ड्रोन कैमरों के जरिए संवेदनशील इलाकों की निगरानी की गई ताकि शरारती तत्व शांति भंग न कर सकें।
निष्कर्ष: सामाजिक समरसता का पर्व
ईद-उल-फितर केवल पकवानों और नए कपड़ों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह गरीबों और जरूरतमंदों की मदद (ज़कात) करने का भी दिन है। बाड़ी में जिस तरह से शांतिपूर्ण माहौल में सभी समुदायों ने मिलकर खुशियां मनाईं, वह आधुनिक समाज के लिए एक प्रेरणा है। शाम तक मस्जिदों और बाजारों में रौनक बनी रही और लोगों ने देर रात तक एक-दूसरे के घर जाकर त्योहार की खुशियां साझा कीं।
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