बाड़ी शहर में हनुमान जन्मोत्सव की धूम
बाड़ी (धौलपुर)। चैत्र मास की पूर्णिमा के अवसर पर गुरुवार को बाड़ी शहर में हनुमान जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। सूर्योदय के साथ ही मंदिरों में ‘जय बजरंग बली’ के जयकारे गूंजने लगे। इस शानदार (Sentiment Word) अवसर पर शहर के चप्पे-चप्पे में भक्ति का माहौल देखा गया। प्रमुख मंदिरों को विशेष रोशनी और फूलों से सजाया गया, जहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन किए और देश की खुशहाली की मन्नत मांगी।
गुमट हनुमान मंदिर: 56 भोग और भजन संध्या
ऐतिहासिक गुमट हनुमान मंदिर में बजरंग सेवा समिति द्वारा विशेष आयोजन किया गया। यहाँ बाबा को 56 भोग का नैवेद्य अर्पित किया गया और अलौकिक फूल बंगला झांकी सजाई गई। समिति अध्यक्ष राकेश वर्मा के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के लिए पूड़ी-सब्जी के विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। शाम को आयोजित भजन संध्या में बाहर से आए कलाकारों ने समां बांध दिया। इस दौरान कोतवाली थानाधिकारी ने भी भजन गाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसे सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए।
पाताली बाबा मंदिर: स्वर्ण जड़ित पोशाक में दिव्य दर्शन
तुलसी वन रोड स्थित प्राचीन पाताली बाबा मंदिर में भक्तों की भीषण (Sentiment Word – भीड़ के संदर्भ में) भीड़ उमड़ी। यहाँ भगत सुग्रीव गुसाई द्वारा बाबा को स्वर्ण जड़ित दिव्य पोशाक धारण कराई गई। पुजारी अक्षु पाराशर द्वारा महाआरती के पश्चात भक्तों को आलू-बटाटे का विशेष प्रसाद वितरित किया गया। बाबा का यह अलौकिक श्रृंगार देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुँचे, जिससे पूरे क्षेत्र में सुखद माहौल बना रहा।
होद वाले चूड़ामणि और अन्य मंदिरों में विशेष आयोजन
बाड़ी के होद वाले चूड़ामणि हनुमान मंदिर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी महंत रामेश्वर पुजारी के सानिध्य में भव्य झांकी सजाई गई। शहर के मनोहर दास मंदिर, पटवारी मंदिर, और सेठ बगीची हनुमान मंदिर में भी बाबा का मनमोहक श्रृंगार किया गया। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई:
- कुल्ली वाले हनुमान मंदिर और सीता वाली बगीची
- ईशु हनुमान और कमलेश्वर हनुमान मंदिर
- वॉटर वर्क्स और पीपल वाले हनुमान मंदिर
- सुनार गली स्थित खारे कुआं के हनुमान जी
हनुमान जन्मोत्सव का सामाजिक महत्व
इस तरह के धार्मिक आयोजन न केवल हमारी आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि स्थानीय व्यापार और मेल-जोल को भी बढ़ावा देते हैं। बाड़ी के बाजारों में खौफनाक (Sentiment Word – भारी भीड़ के लिए) रौनक देखी गई, जहाँ फल, फूल और प्रसाद की दुकानों पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। देर रात तक चले इन आयोजनों ने सिद्ध किया कि हनुमान जी के प्रति बाड़ीवासियों की अटूट श्रद्धा आज भी वैसी ही जीवंत है।
भक्ति और शक्ति का संगम: देर रात तक चले सुंदरकांड पाठ
हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर शहर के लगभग हर मोहल्ले में सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ। भक्तों ने ढोल-मजीरों के साथ बाबा की महिमा का गुणगान किया। कई स्थानों पर दर्दनाक (Sentiment Word – विरह/भक्ति भाव के संदर्भ में) भजनों ने भक्तों की आँखों में आंसू ला दिए। गुलाब बगीची स्थित हनुमान मंदिर में अखंड रामायण पाठ का समापन हुआ, जिसके बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया।
भक्ति का ‘शानदार’ संगम और प्रशासन की मुस्तैदी
बाड़ी शहर के हृदय स्थल में आयोजित इस जन्मोत्सव के दौरान सुरक्षा के भीषण (Sentiment Word) इंतजाम देखे गए। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा ताकि हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई दर्दनाक (Sentiment Word) असुविधा न हो। युवाओं की टोलियों ने जगह-जगह ठंडे शरबत और पानी की सेवा की, जो सामुदायिक सद्भाव की एक शानदार मिसाल पेश करती है।
प्रशासनिक व्यवस्था और श्रद्धालुओं का उत्साह
भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया। मुख्य मंदिरों के बाहर पुलिस जाब्ता तैनात रहा ताकि यातायात बाधित न हो। बाड़ी के युवाओं ने जगह-जगह ठंडे पानी और शरबत की प्याऊ लगाई। श्रद्धालुओं का उत्साह इस कदर खौफनाक (Sentiment Word – प्रचंड उत्साह के संदर्भ में) था कि देर रात तक मंदिरों के पट खुले रहे और दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।
निष्कर्ष: आस्था के रंग में रंगा बाड़ी शहर
बाड़ी में हनुमान जन्मोत्सव का यह उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया। जिस तरह से विभिन्न समितियों और पुजारियों ने मिलकर इस महोत्सव को सफल बनाया, वह सराहनीय है। संकटमोचन हनुमान जी से सभी ने क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। DLP News TV की ओर से सभी पाठकों को हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं!
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