इनामी डकैतों का अंत: मोहरसिंह और रामबरन पर था 10-10 हजार का इनाम; बाइस सालों से ठिकाने बदल कर काट रहे थे फरारी।
धौलपुर। जिले में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत धौलपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस टीम ने वर्ष 2004 से फरार चल रहे दो शातिर इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी खूंखार वकीला गैंग के सक्रिय सदस्य रहे हैं और पिछले दो दशकों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे थे।
मुरैना के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 72 वर्षीय मोहरसिंह और 68 वर्षीय रामबरन के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से मुरैना (मध्यप्रदेश) के निवासी हैं। न्यायालय द्वारा इन्हें भगोड़ा (उद्घोषित अपराधी) घोषित किया गया था। कार्रवाई की विस्तृत जानकारी और पुलिस टीम की प्रोफाइल के लिए
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16 मार्च 2004 की वह मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, यह मामला 16 मार्च 2004 का है जब साहनपुर गांव में पुलिस टीम ने डकैतों की घेराबंदी की थी। उस दौरान मोहरसिंह, रामबरन और वकीला ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से 6 राउंड फायरिंग की थी और जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले थे। इस ऐतिहासिक कार्रवाई में एएसआई गिरवर सिंह और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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