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धौलपुर कोर्ट का कड़ा संदेश: पुलिस पर फायरिंग करने वाले डकैत केदार को 10 साल की जेल, 15 साल बाद मिला न्याय

धौलपुर कोर्ट का कड़ा संदेश: पुलिस पर फायरिंग करने वाले डकैत केदार को 10 साल की जेल, 15 साल बाद मिला न्याय

धौलपुर कोर्ट का कड़ा संदेश: पुलिस पर फायरिंग करने वाले डकैत केदार को 10 साल की जेल, 15 साल बाद मिला न्याय

Legal Update | Thursday, February 19, 2026

विशिष्ट न्यायाधीश राकेश कुमार गोयल ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला; चचोखर के जंगलों में हुई मुठभेड़ का दोषी करार।

धौलपुर। राजस्थान के डकैती प्रभावित धौलपुर जिले में कानून का इकबाल बुलंद करते हुए न्यायालय ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। धौलपुर के विशिष्ट न्यायालय ने पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने के 15 साल पुराने मामले में कुख्यात डकैत केदार उर्फ ठेकेदार को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

क्या था 15 साल पुराना चचोखर मुठभेड़ मामला?

यह मामला वर्ष 2011 का है, जब बसई डांग थाना क्षेत्र के चचोखर जंगलों में पुलिस और डकैत केदार के गिरोह के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि डकैत किसी बड़ी वारदात की फिराक में जंगलों में छिपे हैं। जब पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तो डकैतों ने अपनी जान बचाने के लिए पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी।

इस हमले में पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे थे। तत्कालीन पुलिसकर्मी कैलाश चंद मीणा ने इस संबंध में बसई डांग थाने में डकैत केदार और उसके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज कराया था। राजस्थान में अपराधों की रोकथाम और न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी के लिए आप राजस्थान पुलिस के आधिकारिक पोर्टल पर विवरण देख सकते हैं।

न्यायालय की कड़ी टिप्पणी और सजा का ऐलान

विशिष्ट न्यायाधीश राकेश कुमार गोयल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी केदार उर्फ ठेकेदार पुत्र फेरन को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पुलिस पार्टी पर हमला करना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि राज्य की शक्ति को चुनौती देना है। ऐसे अपराधियों के प्रति नरमी नहीं बरती जा सकती।

न्यायालय ने डकैत को 10 साल के कठोर कारावास के साथ 10 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड न चुकाने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धौलपुर की अन्य अदालती खबरों और लाइव अपडेट्स के लिए DLP News TV के साथ निरंतर जुड़े रहें।

अभियोजन पक्ष की मजबूती और साक्ष्य

विशिष्ट लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने बताया कि इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, पुलिस अभिलेखों और बैलिस्टिक रिपोर्ट जैसे पुख्ता साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता।

यह फैसला चंबल के बीहड़ों और डकैती प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय अन्य अपराधियों के लिए एक बड़ा सबक है। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया है। कानून और न्याय की विस्तृत जानकारी के लिए आप धौलपुर जिला न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।

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