धौलपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की दो कार्रवाई, 1,205 किलो खाद्य सामग्री सीज
धौलपुर में खाद्य सुरक्षा टीम ने रीको औद्योगिक क्षेत्र और राजाखेड़ा के देवखेड़ा के पास दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 750 किलो संदिग्ध घी, 350 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर और 105 किलो रिफाइंड ऑयल सीज किया।

धौलपुर: दीपावली से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। 2 नवंबर को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, टीम ने कुल 1,205 किलोग्राम खाद्य सामग्री सीज की है। इसमें 750 किलो घी, 350 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर और 105 किलो रिफाइंड ऑयल शामिल है।
रीको औद्योगिक क्षेत्र की डेयरी में 750 किलो घी सीज
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. धर्मसिंह मीणा के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा दल ने रविवार को धौलपुर के रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित एस.एस. फूड प्रोडक्ट्स, जे-246 का निरीक्षण किया। यहां 15-15 किलो के 50 पीपे मिले, जिनमें कुल 750 किलोग्राम घी रखा था। विभाग ने इस घी को संदिग्ध परिस्थितियों में रखे होने के आधार पर नियमानुसार सीज किया।
राजाखेड़ा के देवखेड़ा के पास वाहन की जांच
दूसरी कार्रवाई सोमवार को राजाखेड़ा क्षेत्र में गांव देवखेड़ा के नजदीक की गई। खाद्य सुरक्षा टीम ने एक वाहन की जांच की तो उसमें स्किम्ड मिल्क पाउडर के 14 कट्टे मिले। प्रत्येक कट्टे का वजन 25 किलो बताया गया है, यानी कुल 350 किलो पाउडर। वाहन में 15-15 किलो के रिफाइंड ऑयल के सात पीपे भी मिले, जिनका कुल वजन 105 किलो बताया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत पाउडर और तेल को भी सीज किया गया। दोनों कार्रवाइयों का कुल वजन 1,205 किलो होता है।
दूध, मावा और मिठाइयों पर निगरानी
CMHO डॉ. मीणा के अनुसार, त्योहार के समय दूध, मावा, पनीर, मिठाइयों और खाद्य तेलों की मांग बढ़ जाती है। इसी वजह से डेयरियों, खाद्य प्रतिष्ठानों और खाद्य सामग्री ले जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। विभाग ने अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है।
ध्यान देने वाली बात है कि किसी खाद्य सामग्री को सीज किया जाना अपने-आप में उसमें मिलावट साबित होने के बराबर नहीं है। अंतिम निष्कर्ष जांच और विभागीय प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य संदिग्ध सामग्री को बाजार में पहुंचने से रोकना और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना है।
स्रोत: 2 नवंबर 2026 की प्रकाशित रिपोर्ट, जिसमें CMHO डॉ. धर्मसिंह मीणा के बयान के आधार पर कार्रवाई का विवरण दिया गया है।
चित्र: प्रतीकात्मक।
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