नई दिल्ली, 3 नवंबर 2026। बंगाल की खाड़ी से उठे गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु की लैंडफॉल प्रक्रिया मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर शुरू हो गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय बुलेटिन संख्या 18 में बताया कि प्रक्रिया 3 नवंबर को रात 1 बजे (भारतीय समय) से शुरू हुई। विभाग के मुताबिक तूफान का बाहरी सर्पिल बादल दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में प्रवेश कर चुका था और इसका मुख्य बादल क्षेत्र तट की ओर बढ़ रहा था।
IMD ने यह भी स्पष्ट किया कि यह लैंडफॉल प्रक्रिया की शुरुआत है; बुलेटिन में तट पार करने की प्रक्रिया आगे जारी रहने का अनुमान दिया गया है। विभाग के 2 नवंबर रात 11:30 बजे के आकलन के अनुसार तूफान का केंद्र कावली से करीब 50 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व, ओंगोल से 50 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और नेल्लोर से लगभग 90 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में था।
आंध्र तट पर 100 से 110 किमी प्रति घंटे की हवाओं का अनुमान
IMD के बुलेटिन के अनुसार तट पार करते समय मुरासु के साथ 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। विभाग ने कहा है कि लैंडफॉल के बाद हवा की रफ्तार धीरे-धीरे घटेगी। 3 नवंबर की सुबह तक कुछ इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके रह सकते हैं।
भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों की चेतावनी
मौसम विभाग ने 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई है। रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण ओडिशा में 2 से 4 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
IMD ने दक्षिण आंध्र प्रदेश के निचले तटीय इलाकों में समुद्री पानी घुसने की आशंका भी जताई है। बुलेटिन में ज्वार के सामान्य स्तर से ऊपर 1 से 1.5 मीटर तक के अधिकतम तूफानी ज्वार का अनुमान दिया गया है, खासकर बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के लिए। विभाग ने तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहने की चेतावनी दी है।
मछुआरों और तटीय इलाकों के लोगों के लिए सलाह
IMD ने आंध्र प्रदेश तट के पास मछुआरों को 4 नवंबर की दोपहर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। विभाग ने तटीय झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। कमजोर या असुरक्षित ढांचों में ठहरने से बचने, जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) भी चक्रवात से जुड़ी चेतावनियां और जिला-स्तरीय जानकारी जारी कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मौसम विभाग और जिला प्रशासन के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। IMD के बुलेटिन में अगला अपडेट 3 नवंबर को सुबह 4:30 बजे जारी करने की बात कही गई है।
आधिकारिक जानकारी: IMD National Bulletin No. 18 (3 नवंबर 2026, 1:15 AM) और Andhra Pradesh State Disaster Management Authority का Cyclone Information System। लैंडफॉल शुरू होने की स्वतंत्र पुष्टि के लिए Reuters की रिपोर्ट भी देखें।
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